उपनाम: नासा
नासा का नया स्पेस टेलिस्कोप ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों को करेगा उजागर, अंतरिक्ष में भेजी गई 'नई आंख'
नासा ने नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलिस्कोप को अंतरिक्ष में लॉन्च कर दिया है, जो डार्क मैटर और डार्क एनर्जी के रहस्यों को सुलझाने के साथ ही ब्रह्मांड का सबसे बड़ा 3D मैप तैयार करेगा।
अंतरिक्ष में हैरान कर देने वाला नजारा: मंगल के चांद फोबोस के पीछे ओझल हुई हमारी पृथ्वी
नासा के परसीवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह की सतह से एक ऐतिहासिक तस्वीर कैद की है, जिसमें पृथ्वी को फोबोस के पीछे छिपते हुए देखा जा सकता है। यह अद्भुत घटना मात्र 40 सेकंड की है जिसने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को भी अचंभित कर दिया है।
सूर्य ग्रहण 2026 लाइव स्ट्रीमिंग: घर बैठे मोबाइल पर देखें खगोलीय नज़ारा, जानें कहां-कहां दिखेगा अद्भुत पूर्ण सूर्य ग्रहण
12 अगस्त 2026 को लगने जा रहे पूर्ण सूर्य ग्रहण को लेकर पूरी दुनिया में उत्साह है। आप घर से बाहर निकले बिना अपने मोबाइल पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद ले सकते हैं, हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
स्पेसएक्स का रॉकेट आज चांद की सतह से टकराया, अंतरिक्ष में उठा धूल का गुबार
जनवरी 2025 में प्रक्षेपित स्पेसएक्स फैल्कन-9 रॉकेट का एक अनियंत्रित हिस्सा बुधवार को चंद्रमा से टकरा गया। इस घटना के वैज्ञानिक महत्व और इसके प्रभाव पर विस्तृत जानकारी यहाँ दी गई है।
2 अगस्त 2027 को दिखेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, 6 मिनट से ज्यादा समय तक छाएगा अंधेरा
नासा ने 2 अगस्त 2027 को होने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण को लेकर बड़ी जानकारी दी है, जो इस सदी की सबसे लंबी खगोलीय घटनाओं में से एक होगी। इस दौरान दुनिया के कई देशों में 6 मिनट 23 सेकंड तक दिन में अंधेरा छाया रहेगा।
चांद से टकराने जा रहा है स्पेसएक्स का बेकाबू रॉकेट, वैज्ञानिकों ने बताया क्या होगा इस जोरदार भिड़ंत का अंजाम
अंतरिक्ष में लंबे समय से भटक रहा स्पेसएक्स का एक निष्क्रिय रॉकेट जल्द ही चंद्रमा की सतह से टकराने वाला है। लगभग 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से होने वाली इस भिड़ंत से चांद पर एक गहरा गड्ढा बनेगा और मलबे का विशाल गुबार उठेगा।
अंतरिक्ष में एक अनोखा प्रयोग: पानी से जीवन रक्षक दवा बना रहे भारतीय मूल के एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन
नासा के एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर एक क्रांतिकारी प्रयोग के जरिए पीने के पानी को मेडिकल ग्रेड आईवी फ्लूइड में बदल रहे हैं, जो भविष्य के मंगल मिशन और धरती पर आपदा प्रबंधन के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
कौन हैं अनिल मेनन? नासा के अंतरिक्ष मिशन पर निकले भारतीय मूल के जांबाज एस्ट्रोनॉट
भारतीय मूल के नासा एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन अपने पहले अंतरिक्ष मिशन के लिए तैयार हैं, जो आठ महीने तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देंगे।
फीफा वर्ल्ड कप जीतने पर चांद पर फुटबॉल खेलेगा अमेरिका, नासा ने दिया बड़ा चैलेंज
नासा प्रमुख जारेड आइजैकमैन ने अमेरिकी फुटबॉल टीम के सामने एक अनोखी चुनौती रखी है। यदि टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप जीतती है, तो नासा चांद पर फुटबॉल भेजने की ऐतिहासिक तैयारी करेगा।
सुपरसोनिक उड़ानों का युग फिर होगा शुरू, अमेरिका 53 साल पुराना बैन हटाने की कर रहा तैयारी
अमेरिका अब जमीन के ऊपर सुपरसोनिक उड़ानों पर लगी 53 साल पुरानी पाबंदी को खत्म करने की योजना बना रहा है। नासा के X-59 विमान की शांतिपूर्ण तकनीक ने इस दिशा में नए रास्ते खोल दिए हैं, जिससे भविष्य में तेज रफ्तार हवाई यात्रा की उम्मीद बढ़ गई है।
अंतरिक्ष में खतरे में नासा का पुराना योद्धा, 30,000,000,000 डॉलर खर्च कर बचाएगा अंतरिक्ष एजेंसी
नासा अपने दशकों पुराने स्विफ्ट टेलीस्कोप को पृथ्वी के वायुमंडल में गिरने से बचाने के लिए एक विशाल बचाव अभियान शुरू कर रहा है, जिसमें भारी निवेश किया जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप का सीक्रेट प्रोजेक्ट: भविष्य की एयर टैक्सी के लिए तैयार हो रहा है दुनिया का सबसे बड़ा टेस्टिंग सेंटर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भविष्य की उड़न खटोलों और आधुनिक एयर टैक्सी को हकीकत में बदलने के लिए ओक्लाहोमा में एक विशाल टेस्टिंग बेस बना रहा है।
आर्टेमिस-3 मिशन: देवी के नाम पर अभियान लेकिन क्रू में सिर्फ पुरुष, नासा के फैसले पर मचा घमासान
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने आर्टेमिस-3 मिशन के लिए केवल पुरुष अंतरिक्ष यात्रियों को चुनने के कारण विवादों में है, जबकि पूर्व में एजेंसी ने चांद पर पहली महिला को उतारने का वादा किया था।
नासा का सैटेलाइट देगा पानी की हर बूंद का हिसाब, अंतरिक्ष से होगी नदियों की लाइव निगरानी
वैज्ञानिकों ने नदियों की निगरानी के लिए एक नई तकनीक विकसित की है, जिससे अंतरिक्ष से पानी की गुणवत्ता और स्वास्थ्य का पता लगाया जा सकेगा। यह तकनीक प्रदूषण और जहरीले शैवाल के फैलाव को समय रहते पहचानने में मदद करेगी।
अंतरिक्ष से आया 300 टन बारूद जितना गोला, 68,000 की रफ्तार से धरती की ओर, वायुमंडल ने कैसे बचाया?
अमेरिका के आसमान में 68,000 किमी/घंटे की रफ्तार से आए एक छोटे उल्कापिंड के फटने से करीब 300 टन टीएनटी के बराबर ऊर्जा निकली। वैज्ञानिकों के मुताबिक पृथ्वी का वायुमंडल एक ढाल की तरह इन पिंडों को हवा में ही जलाकर खतरा टाल देता है।