अंतरिक्ष में खतरे में नासा का पुराना योद्धा, 30,000,000,000 डॉलर खर्च कर बचाएगा अंतरिक्ष एजेंसी विश्व एक महीने पहले 78
नासा अपने दशकों पुराने स्विफ्ट टेलीस्कोप को पृथ्वी के वायुमंडल में गिरने से बचाने के लिए एक विशाल बचाव अभियान शुरू कर रहा है, जिसमें भारी निवेश किया जा रहा है।

अंतरिक्ष में संकट से जूझ रहा नासा का स्विफ्ट टेलीस्कोप

अंतरिक्ष की गहराइयों में ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने वाले नासा के पुराने योद्धा स्विफ्ट टेलीस्कोप पर इन दिनों संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वर्ष 2004 में अंतरिक्ष में भेजे गए इस उपग्रह ने अपनी लंबी यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं, लेकिन अब इसके अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है। यह उपग्रह धीरे-धीरे पृथ्वी की निचली कक्षा में गिर रहा है और यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर जलकर राख हो जाएगा। इस बहुमूल्य खगोलीय संपति को बचाने के लिए नासा ने एक बेहद खर्चीली और जटिल योजना तैयार की है।

30,000,000,000 डॉलर का बड़ा बचाव अभियान

नासा ने इस पुराने उपग्रह को बचाने के लिए 30,000,000,000 डॉलर की भारी-भरकम राशि खर्च करने का निर्णय लिया है। इस मिशन के तहत स्विफ्ट टेलीस्कोप को वापस उसकी सुरक्षित ऊंचाई पर स्थापित करने की कोशिश की जाएगी। यह निवेश दर्शाता है कि नासा इस टेलीस्कोप की उपयोगिता को लेकर कितना गंभीर है। नासा का स्पष्ट मानना है कि स्विफ्ट टेलीस्कोप द्वारा दी जाने वाली जानकारियां आज भी वैज्ञानिक जगत के लिए बेहद जरूरी हैं, इसलिए इसे खोना एक बड़ा नुकसान होगा।

आखिर क्यों गिर रहा है स्विफ्ट टेलीस्कोप

स्विफ्ट टेलीस्कोप के गिरने के पीछे मुख्य कारण इसके ऊर्जा स्रोतों का कमजोर होना है। साल 2004 में लॉन्च होने के बाद से अब तक इसकी सोलर पैनल की बैटरी काफी पुरानी और कमजोर हो गई है, जिसके चलते यह अपनी कक्षा में बने रहने में असमर्थ होता जा रहा है। साथ ही अंतरिक्ष में सौर गतिविधि के चलते भी इस पर काफी दबाव पड़ रहा है। यदि इसे तेजी से ऊंची कक्षा में नहीं पहुंचाया गया, तो इसके वायुमंडल में गिरकर नष्ट होने का खतरा हर दिन बढ़ता जा रहा है।

पेगासस रॉकेट से मिलेगा नया जीवन

इस बचाव अभियान को सफल बनाने के लिए नासा ने कैटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज के साथ हाथ मिलाया है। स्विफ्ट को अंतरिक्ष में पुनः स्थापित करने के लिए पेगासस रॉकेट का उपयोग किया जाएगा। यह इतिहास में अपनी तरह का पहला मिशन होगा, जिसमें किसी पुराने उपग्रह की आयु बढ़ाने के लिए स्पेस रॉबोट या किसी विशेष स्पेसक्राफ्ट का सहारा लिया जा रहा है। यह तकनीक इस उपग्रह को धकेलकर सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाने का कार्य करेगी।

हबल टेलीस्कोप पर भी है खतरा

केवल स्विफ्ट ही नहीं, बल्कि नासा का हबल टेलीस्कोप भी उम्र के इस पड़ाव पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। 36 साल पुराना हबल टेलीस्कोप भी अब धीरे-धीरे वायुमंडल के संपर्क में आ रहा है, जिससे उसके भी नष्ट होने का खतरा बना हुआ है। नासा के विज्ञान प्रमुख निक फॉक्स का कहना है कि स्विफ्ट लगातार ब्रह्मांड में होने वाले सबसे शक्तिशाली गामा-रे बर्स्ट और अन्य खगोलीय घटनाओं की सटीक जानकारी दे रहा है। निक फॉक्स के अनुसार, हम स्विफ्ट को खोना नहीं चाहते हैं। इस पूरे बचाव अभियान के अक्टूबर महीने तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। सितंबर के अंत तक इसके वापस आने का दबाव है, इसलिए नासा बचाव की प्रक्रिया में कोई देरी नहीं करना चाहता है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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