उपनाम: मधुबनी
मधुबनी में मटन की अनोखी खरीददारी: किलो नहीं, 'बाटी' सिस्टम से होता है बंटवारा, जानिए कारण
बिहार के मधुबनी में मटन खरीदने की एक अनूठी परंपरा है, जहां लोग किलो के बजाय 'बाटी' लगाकर या कुरी लगाकर सामूहिक रूप से बकरा खरीदकर आपस में मांस बांटते हैं। यह परंपरा शुद्धता, ताजगी और आर्थिक बचत के कारण आज भी जीवित है।
एक खेती, अनेक उत्पाद और मोटा मुनाफा! मशरूम ने संवारी मधुबनी की स्वाति की तकदीर
मधुबनी के बेनीपट्टी की महिला किसान स्वाति झा ने मशरूम की खेती को एक मुनाफे वाले कारोबार में बदल दिया है और कई तरह के उत्पाद बनाकर 'मिथिला स्वाति मशरूम' ब्रांड खड़ा किया है।
नींबू के भरपूर इस्तेमाल से तैयार होता है अरिकंचन का खट्टा-तीखा गोजबा, मिथिलावासी कहते हैं इसे 'शाकाहारियों की मछली'
मिथिलांचल में जो लोग मांसाहार नहीं करते, उनके लिए अरिकंचन के पत्ते से बना गोजबा किसी मछली से कम नहीं माना जाता। दाल, नींबू, पत्ता और ढेर सारे मसालों से तैयार होने वाली इस डिश का स्वाद लोगों को खूब भाता है।
काला तरबूज नामधारी से ₹25-30 क्यों महंगा? खेती एक जैसी, फिर भी दाम में फर्क
एक ही खेत में, एक जैसी मेहनत से उगने के बावजूद काला गोल तरबूज नामधारी की तुलना में प्रति 5 किलो ₹25-30 महंगा बिकता है। किसानों के मुताबिक इसकी असल वजह बाजार की मांग है।
मधुबनी में आज भी तामा से नापते हैं चावल, एक सेर में भर जाता है पांच लोगों का पेट, लक्ष्मी रूप में होती है पूजा
मिथिलांचल के गांवों में आज भी चावल, दाल और आटा तराजू की जगह तामा से नापा जाता है। एक सेर चावल में आराम से पांच लोग भोजन कर लेते हैं और लोग इस तामा को लक्ष्मी का रूप मानकर पूजते भी हैं।
मधुबनी से संदिग्ध आतंकी इज़हारुल हक गिरफ्तार, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़े थे तार; ATS की बड़ी कार्रवाई
बिहार के मधुबनी जिले के पडौल थाना क्षेत्र से इज़हारुल हक नामक व्यक्ति को मध्य प्रदेश पुलिस और बिहार एटीएस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लगातार संपर्क में था।
बनकट्टा-दामोदरपुर बना मधुबनी का आदर्श गांव, सांसद ने लिया था गोद, जानें आज के हालात
मधुबनी के बेनीपट्टी प्रखंड स्थित बनकट्टा-दामोदरपुर को 2014 में सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने गोद लेकर आदर्श गांव का दर्जा दिलाया था, लेकिन शुरुआती दो साल के काम के बाद पिछले दस सालों से यहां विकास कार्य ठप पड़ा है।
बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों का देसी जुगाड़, गुलेटी और मिट्टी की गोली से कोसों दूर भागते हैं उत्पाती बंदर
मधुबनी के कई गांवों में बंदरों के उत्पात से तंग आकर ग्रामीणों ने लकड़ी की गुलेटी और मिट्टी की गोली का देसी तरीका अपनाया है, जिससे बिना ज्यादा चोट पहुंचाए बंदरों को भगाया जा रहा है।
झंझारपुर के गौतम कुमार झा बने नौसेना अधिकारी, एक ही परिवार के दो बेटे देशसेवा में तैनात
मधुबनी जिले के झंझारपुर निवासी गौतम कुमार झा भारतीय नौसेना में अधिकारी बने हैं, जबकि उनके बड़े भाई पहले से ही भारतीय रक्षा सेवा में कार्यरत हैं।
नजर और दुर्घटना से बचाने वाला अनोखा मशरूम, कीमत लाखों में, भोला ठाकुर हमेशा रखते हैं साथ
मधुबनी के किसान भोला ठाकुर के पास "गेनोंडरमा" नामक खास मशरूम है, जिसे वे नजरबट्टू मानते हैं। इस एक मशरूम के लिए लोग 40 हजार रुपये तक देने को तैयार हैं, फिर भी उन्होंने इसे नहीं बेचा।
सक्सेस स्टोरी: न नौकरी न दफ्तर, घर बैठे महीने में 2 लाख की कमाई; खुशबू ने 100 महिलाओं की बदली तकदीर
बिहार के मधुबनी की खुशबू चौधरी मिथिला पेंटिंग के दम पर घर से ही हर महीने 2 लाख रुपये तक कमाती हैं और अब तक 100 से ज्यादा महिलाओं व लड़कियों को मुफ्त प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना चुकी हैं।