काला तरबूज नामधारी से ₹25-30 क्यों महंगा? खेती एक जैसी, फिर भी दाम में फर्क बिहार एक दिन पहले 11
एक ही खेत में, एक जैसी मेहनत से उगने के बावजूद काला गोल तरबूज नामधारी की तुलना में प्रति 5 किलो ₹25-30 महंगा बिकता है। किसानों के मुताबिक इसकी असल वजह बाजार की मांग है।

गर्मी का मौसम है और बाजार तरबूजों से भरे पड़े हैं। लेकिन खरीदारी करने जाते ही अक्सर दो तरह के तरबूज नजर आते हैं—एक गोल और काला तरबूज तथा दूसरा चितकबरा यानी नामधारी तरबूज। दोनों को उगाने का तरीका, खेत, मेहनत और करीब 6 महीने का समय लगभग एक जैसा होता है। इसके बावजूद काला गोल तरबूज नामधारी के मुकाबले प्रति 5 किलो ₹25-30 महंगा बिकता है। सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्यों होता है।

सेहत के लिहाज से क्यों खास है तरबूज

तरबूज गर्मियों में खूब खाया जाता है और इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसमें लगभग 70% पानी होता है और इसकी मिठास भी बहुत तेज नहीं होती। ऐसे में अगर आप भी इन दिनों तरबूज खरीद रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि एक ही खेत में, एक समान प्रक्रिया और मेहनत से उगाए जाने के बाद भी काला गोल और चितकबरा (नामधारी) तरबूज की कीमत में इतना अंतर क्यों रहता है।

दाम खेत से नहीं, मांग से तय होता है

इस बारे में जब किसानों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि काला तरबूज बाजार में ज्यादा दाम पर बिकता है। नामधारी और काले तरबूज के बीच प्रति 5 किलो लगभग ₹25-30 का फर्क रहता है, और यह अंतर काफी हद तक बाजार की मांग पर निर्भर करता है।

उमेश चोरबार बताते हैं कि स्वाद के मामले में दोनों ही तरबूज अच्छे होते हैं। लेकिन लोगों के बीच यह धारणा है कि काला तरबूज नामधारी की तुलना में ज्यादा मीठा होता है और उसका गूदा अंदर से ज्यादा लाल रहता है। इसी सोच के चलते बाजार में काले तरबूज की मांग अधिक बनी रहती है, और मांग बढ़ने के कारण उसका दाम हमेशा नामधारी से प्रति 5 किलो ₹25-30 ज्यादा रहता है।

अभी क्या चल रहा है भाव

उमेश के अनुसार फिलहाल नामधारी तरबूज का 5 किलो का दाम ₹90 से ₹100 के बीच है, जबकि काला तरबूज ₹125 से ₹130 प्रति 5 किलो बिक रहा है। ₹25-30 का यह अंतर लगभग हर साल बना रहता है।

थोक में दाम लगभग बराबर

हालांकि किसान यह भी बताते हैं कि जब वे खेत से थोक खरीदारों को तरबूज बेचते हैं, तो दोनों तरह के तरबूज का दाम लगभग एक जैसा ही मिलता है। बाद में खरीदार ही बाजार में काले तरबूज को महंगे दाम पर बेचते हैं। आम तौर पर खरीदारी करते समय हम इस बात पर ध्यान नहीं देते, लेकिन अगली बार दाम पूछने पर आपको भी यही वजह बताई जाएगी।

कितने दिन सुरक्षित रहता है तरबूज

जानकारी के लिए यह भी जान लें कि बिना काटे तरबूज को घर में 5 से 6 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। वहीं अगर इसे फ्रिज में रखें तो यह 1 सप्ताह से 10 दिन तक भी खराब नहीं होता।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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