क्या बंद होगी 'माझी लाडकी बहीण योजना'? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दूर की हर शंका महाराष्ट्र एक घंटा पहले 2
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि 'माझी लाडकी बहीण योजना' को बंद नहीं किया जाएगा और राज्य की करीब 1.7 करोड़ पात्र महिलाओं को इसका लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।

महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए चल रही बहुचर्चित 'माझी लाडकी बहीण योजना' के भविष्य को लेकर जारी अटकलों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का अहम बयान सामने आया है। फडणवीस ने दो-टूक कहा है कि राज्य सरकार की 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' को बंद करने की कोई योजना नहीं है। योजना से जुड़ी लाभार्थी महिलाओं को पहले की तरह आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। मुख्यमंत्री के इस स्पष्टीकरण के बाद इस स्कीम का लाभ ले रही महिलाओं ने राहत महसूस की है।

महाराष्ट्र में जारी रहेगी यह योजना

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 'माझी लाडकी बहीण योजना' देश में महिला कल्याण से जुड़ी सबसे बड़ी योजनाओं में शुमार है। उनके मुताबिक, फिलहाल महाराष्ट्र की करीब 1.7 करोड़ पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर शुरू की गई इस योजना को आगे भी निरंतर चलाया जाएगा।

लाडकी बहिन योजना को खत्म नहीं किया जाएगा, ये राज्यों में अपनी तरह की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना है; 1.7 करोड़ पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिलता रहेगा: देवेंद्र फडणवीस

योजना बंद होने की खबर निराधार

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले भी यह कह चुके हैं कि माताओं और बहनों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। ऐसे में योजना को बंद किए जाने से जुड़ी खबरें पूरी तरह झूठी और महज एक अफवाह हैं।

मुख्यमंत्री ने अटकलों पर लगाया विराम

उल्लेखनीय है कि बीते कुछ दिनों में इस योजना के भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं उठ रही थीं, जिससे लाभार्थी महिलाओं के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी। हालांकि अब मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद इन तमाम कयासों पर पूरी तरह से विराम लग गया है।

क्या है 'माझी लाडकी बहीण योजना'?

'माझी लाडकी बहीण योजना' महाराष्ट्र सरकार की ओर से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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