एक सहजन के पेड़ ने बदली तकदीर, गांव की महिलाओं ने खड़ा किया लाखों का कारोबार, पूरे देश में बढ़ रही मांग व्यापार 3 महीने पहले 39
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के खेड़ी गांव की महिलाओं ने सहजन की खेती और उसके उत्पादों से एक सफल ग्रामीण उद्यम खड़ा कर दिया है, जिससे 25 से ज्यादा महिलाएं जुड़कर अच्छी कमाई कर रही हैं। इनके बनाए उत्पाद अब दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच रहे हैं।

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले का छोटा सा खेड़ी गांव आज इस बात की मिसाल बन गया है कि अगर हौसला और सही दिशा मिल जाए तो एक साधारण चीज भी बड़े कारोबार की शक्ल ले सकती है। यहां की महिलाओं ने सहजन (सुरजना फली) को आर्थिक आज़ादी का जरिया बना दिया है, जिसे अक्सर लोग एक मामूली पेड़ समझकर नज़रअंदाज कर देते हैं।

गांव की महिलाओं ने मिलकर सहजन की खेती शुरू की और उससे जुड़े अलग-अलग उत्पाद तैयार कर उन्हें बाजार में उतारना शुरू किया। शुरुआत भले ही छोटी रही हो, लेकिन आज यह काम एक कामयाब ग्रामीण उद्यम का रूप ले चुका है, जिससे 25 से ज्यादा महिलाएं जुड़कर अच्छी आमदनी कमा रही हैं।

ऐसे शुरू हुआ बदलाव का सफर

ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी अंतिम पटेल और उनकी टीम ने जब देखा कि बाजार में मोरिंगा पाउडर की मांग काफी अधिक है, तो उन्होंने इसे खुद तैयार करने का फैसला किया। पहले ये महिलाएं केवल खेती तक सीमित थीं, लेकिन धीरे-धीरे इन्होंने प्रोसेसिंग और पैकेजिंग का काम भी अपने हाथ में ले लिया।

महिलाएं खेतों से सहजन की पत्तियां तोड़ती हैं, उन्हें साफ करके धूप में सुखाती हैं और बिना किसी केमिकल के शुद्ध पाउडर तैयार करती हैं। यही पाउडर आज ‘नेचुरल हेल्थ सप्लीमेंट’ के रूप में बेचा जा रहा है।

सहजन से बन रहे ये उत्पाद

इन महिलाओं ने सहजन को सिर्फ एक फसल तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उससे कई तरह के उत्पाद तैयार कर दिए।

  • मोरिंगा पाउडर - सूखी पत्तियों से तैयार, हेल्थ ड्रिंक के रूप में उपयोग
  • हर्बल चाय (टी-बैग) - कैफीन-फ्री हेल्दी विकल्प
  • कैप्सूल और टैबलेट - पोषण सप्लीमेंट के रूप में
  • सब्जी और सूप - ताजी फलियों से बने स्वादिष्ट व्यंजन
  • फ्रोजन ड्रमस्टिक - लंबे समय तक उपयोग और निर्यात के लिए
  • मोरिंगा तेल (बेन ऑयल) - स्किन और बालों के लिए फायदेमंद
  • पानी शुद्ध करने का पाउडर - बीजों से बना प्राकृतिक कोगुलेंट
  • साबुन और लोशन - नेचुरल स्किन केयर उत्पाद
  • जैविक खाद (Bio-fertilizer) - खेती के लिए उपयोगी

देशभर में बढ़ती मांग

खेड़ी गांव की महिलाएं अब अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रख रही हैं। दिल्ली, मुंबई, इंदौर, भोपाल और उज्जैन जैसे बड़े शहरों तक इनके उत्पाद पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

क्यों खास है सहजन

सहजन को ‘चमत्कारी पेड़’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी पत्तियां, फलियां, बीज और फूल सभी उपयोगी होते हैं। इसमें आयरन, कैल्शियम, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।

बदल गई महिलाओं की जिंदगी

इस पहल से गांव की महिलाओं की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। जो महिलाएं पहले घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, वे आज आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।

खेड़ी गांव की यह कहानी बताती है कि आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत गांव की महिलाएं ही हैं। अगर सही मार्गदर्शन और मेहनत साथ हो, तो छोटे-छोटे गांवों से भी बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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