बैतूल के कुकरू में मुख्यमंत्री मोहन यादव का दौरा: स्व-सहायता समूह की महिलाओं से की मुलाकात, चखा मावा रबड़ी का स्वाद मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैतूल के कुकरू का दौरा कर स्व-सहायता समूह की महिलाओं के कार्यों को करीब से देखा और उनकी आत्मनिर्भरता की सराहना की।

मुख्यमंत्री का कुकरू प्रवास

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 27 जून को अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान बैतूल जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल कुकरू का दौरा किया। अपनी इस यात्रा में मुख्यमंत्री ने कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा की जा रही विभिन्न आर्थिक गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समूह की महिलाओं के साथ खुलकर बातचीत की और उनके द्वारा स्वयं तैयार किए गए मावा और रबड़ी का आनंद भी लिया। मुख्यमंत्री ने समूह के काम को काफी सराहा और उनकी आय के साधनों तथा सरकारी योजनाओं से मिल रही मदद के बारे में जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कुकरू के प्रसिद्ध सिपना सनसेट पॉइंट का भी दीदार किया।

स्व-सहायता समूह की कार्यप्रणाली पर चर्चा

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने मावा बनाने की पूरी प्रक्रिया को स्वयं देखा और महिलाओं से चर्चा की कि वे कैसे आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम कर रहे हैं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने में भी अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लगातार काम कर रही है।

आय का जरिया और वित्तीय सहायता

कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष शोभा गायने ने मुख्यमंत्री को समूह की सफलता के बारे में विस्तार से बताया। समूह में 11 महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि समूह को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत काफी आर्थिक मदद मिली है, जिसमें सीसीएल से 3 लाख रुपये, सीआईएफ से 1 लाख रुपये, आरएफ से 11 हजार रुपये और पीएमएफएमई योजना के तहत 40 हजार रुपये की राशि शामिल है। आजीविका मिशन के सहयोग से समूह ने मावा बनाने की आधुनिक मशीन खरीदी है, जिससे उन्हें हर महीने करीब 25 हजार रुपये की कमाई हो रही है। सदस्य महिलाओं ने बताया कि वे दूध उत्पादन, मावा, रबड़ी और श्रीखंड बनाने के अलावा खेती-किसानी का काम भी संभालती हैं। इन सभी गतिविधियों से समूह की प्रत्येक सदस्य को लगभग 15 से 18 हजार रुपये की मासिक आय हो रही है, जिससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है।

पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं

कुकरू भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिपना सनसेट पॉइंट पर सूर्यास्त के खूबसूरत और मनमोहक दृश्यों का लुत्फ उठाया। उन्होंने वहां की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और पर्वत श्रृंखलाओं की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुकरू को एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। उन्होंने प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि कुकरू में पर्यटन बढ़ने से न केवल बाहर से लोग आएंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी लोगों के लिए रोजगार के नए और बेहतर रास्ते खुलेंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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