पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात, सीएम भगवंत मान ने पूरा किया आखिरी चुनावी वादा पंजाब 2 घंटे पहले 2
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की शुरुआत कर दी है, जिसके तहत लाखों महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजी गई है। सीएम भगवंत मान ने इसे आम आदमी पार्टी का आखिरी चुनावी वादा पूरा करना बताया है।

पंजाब की महिलाओं के लिए नया सवेरा

पंजाब में रहने वाली लाखों महिलाओं का लंबा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। बुधवार का दिन पंजाब की माताओं और बहनों के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि राज्य की भगवंत सिंह मान सरकार ने अपनी अंतिम बड़ी चुनावी गारंटी को धरातल पर उतार दिया है। धुरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक विशेष वेब लिंक का अनावरण किया और मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की आधिकारिक शुरुआत की। इस कदम के साथ ही सरकार ने महिलाओं के बैंक खातों में सम्मान राशि हस्तांतरित करना शुरू कर दिया है। सरकार ने एक साथ तीन महीनों की किश्त जारी की है, जिससे लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे हैं।

खातों में पहुंची सम्मान राशि

इस योजना के अंतर्गत सरकार ने सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए पैसे भेजे हैं। आंकड़ों के अनुसार, सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3000 रुपये और दलित वर्ग की महिलाओं के खातों में 4500 रुपये की राशि पहुंचाई गई है। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले जनता से पांच मुख्य गारंटियां दी थीं। मुख्यमंत्री का दावा है कि आज इस आखिरी चुनावी वादे को पूरा करके सरकार ने अपना वचन निभाया है।

अरविंद केजरीवाल ने दी शुभकामनाएं

इस ऐतिहासिक मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की महिलाओं को बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने इसे पंजाब के लिए गौरव का दिन करार दिया। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के इतिहास में अब तक केवल लूट हुई है, लेकिन भगवंत मान पंजाब के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने सरकारी खजाने को आम जनता की भलाई में खर्च किया है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि जो लोग पंजाब को लूटते आए हैं, वे आज माताओं-बहनों और मुख्यमंत्री को गालियां दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समझना होगा कि अब पंजाब पूरी तरह से बदल चुका है और तरक्की की राह पर तेजी से बढ़ रहा है।

हर महीने आएगी सम्मान राशि

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया निरंतर चलेगी। उन्होंने कहा कि आज से बैंक का प्रोसेस सक्रिय हो गया है और किसी भी क्षण महिलाओं के फोन पर पैसे आने का मैसेज प्राप्त हो सकता है। सीएम ने कहा कि कई महिलाएं उन्हें वीडियो भेजकर बता रही थीं कि उन्होंने घर के खर्चों, बच्चों की पढ़ाई या उधार चुकाने के लिए जुलाई महीने के आने का इंतजार किया था। उन्होंने घोषणा की कि इस योजना में सामान्य श्रेणी की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और दलित माताओं को 1500 रुपये दिए जाएंगे। यह कोई अस्थायी योजना नहीं है, बल्कि इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि यह भविष्य में भी कभी बंद न हो।

विपक्ष पर मुख्यमंत्री का कड़ा प्रहार

विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए भगवंत मान ने कहा कि जो लोग 1000 या 1500 रुपये की राशि को कम बता रहे हैं, उन्होंने जीवन में गरीबी का अनुभव नहीं किया है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि मैंने गरीबी देखी है, जहाँ एक-एक रुपये की बचत मायने रखती है। इस योजना का नाम मावां-धीयां सत्कार इसीलिए रखा गया है ताकि बेटियां और माताएं अपनी बुनियादी जरूरतों और शगुन के लिए किसी और पर निर्भर न रहें। उन्होंने मैरिज पैलेस कल्चर की चर्चा करते हुए कहा कि पहले के समय में मायके से आने वाले शगुन से महिलाओं का जो सम्मान बढ़ता था, उसे यह स्कीम फिर से जीवंत करेगी।

भरोसे की नई शुरुआत

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि वे उन्हें अपना बेटा या भतीजा मान सकती हैं, और वह इस भरोसे को कभी नहीं टूटने देंगे। भाषण के दौरान ही जब मंच से ऐलान हुआ, तो महिलाओं के फोन पर पैसे आने के मैसेज की आवाज सुनाई देने लगी, जिस पर पूरे पंडाल में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा कि यह महज पैसा नहीं है, बल्कि विश्वास है जो सीधा सरकार से जनता तक पहुंच रहा है। उन्होंने पुरुषों से भी अपील की कि वे इस बदलाव का स्वागत करें क्योंकि महिलाओं के आर्थिक रूप से मजबूत होने से पूरे परिवार का बोझ कम होगा।

योजना का उद्देश्य और भविष्य

भगवंत सिंह मान ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की सोच हमेशा से यही रही है कि जनता का पैसा शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और बुनियादी सुविधाओं के जरिए वापस जनता को ही मिले। उन्होंने बताया कि इस बार जुलाई, अगस्त और सितंबर, इन तीन महीनों की संयुक्त राशि भेजी गई है। यदि किसी परिवार में तीन माताएं हैं, तो उन्हें कुल 9000 रुपये मिलेंगे। अंत में उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे इन मैसेज के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा करें ताकि विपक्ष के उन लोगों का मुंह बंद हो सके, जो इस योजना को लागू करने को लेकर दुष्प्रचार कर रहे थे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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