मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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खरगोन जिले में इस समय खरीफ सीजन के अंतर्गत सोयाबीन की बुआई तेज़ रफ्तार से जारी है। इसी बीच कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आगाह किया है कि बुआई के दौरान की गई कुछ सामान्य गलतियाँ पूरी फसल पर भारी पड़ सकती हैं। समय रहते इन गलतियों से बचकर बेहतर उपज और मुनाफा हासिल किया जा सकता है।
बीज और खाद एक साथ डालने की भूल
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह बताते हैं कि कई किसान बीज और उर्वरक को एक ही समय में खेत में डाल देते हैं। उनके अनुसार ऐसा करने से बीजों का अंकुरण प्रभावित होता है और पौधों की शुरुआती बढ़वार कमजोर रह जाती है। इसका सीधा असर अंततः उत्पादन पर पड़ता है और पैदावार घट जाती है।
खाद डालने का सही तरीका
विशेषज्ञों का सुझाव है कि सबसे पहले खेत में उर्वरक डालना चाहिए और उसके बाद ही बुआई करनी चाहिए। साथ ही यह भी जरूरी है कि पूरी खाद एक ही बार में खेत में डाल दी जाए, ताकि फसल को पर्याप्त पोषण मिल सके और पौधों का विकास बेहतर ढंग से हो।
वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह
डॉ. राजीव सिंह ने किसानों से पारंपरिक तौर-तरीकों के बजाय वैज्ञानिक खेती को अपनाने की अपील की है। उनका कहना है कि सही खाद प्रबंधन, खेत में नमी बनाए रखने और समय पर खरपतवार नियंत्रण जैसे उपायों से सोयाबीन की उपज में सुधार लाया जा सकता है और किसानों को अधिक मुनाफा मिल सकता है।
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