सोयाबीन की बुआई में न करें ये गलती, वरना चौपट हो सकती है फसल; जानें खाद डालने का सही तरीका मध्य प्रदेश एक महीने पहले 20
खरगोन जिले में खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन की बुआई जोरों पर है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बीज और उर्वरक एक साथ डालने से बचने और वैज्ञानिक तरीके अपनाने की सलाह दी है।

खरगोन जिले में इस समय खरीफ सीजन के अंतर्गत सोयाबीन की बुआई तेज़ रफ्तार से जारी है। इसी बीच कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आगाह किया है कि बुआई के दौरान की गई कुछ सामान्य गलतियाँ पूरी फसल पर भारी पड़ सकती हैं। समय रहते इन गलतियों से बचकर बेहतर उपज और मुनाफा हासिल किया जा सकता है।

बीज और खाद एक साथ डालने की भूल

वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह बताते हैं कि कई किसान बीज और उर्वरक को एक ही समय में खेत में डाल देते हैं। उनके अनुसार ऐसा करने से बीजों का अंकुरण प्रभावित होता है और पौधों की शुरुआती बढ़वार कमजोर रह जाती है। इसका सीधा असर अंततः उत्पादन पर पड़ता है और पैदावार घट जाती है।

खाद डालने का सही तरीका

विशेषज्ञों का सुझाव है कि सबसे पहले खेत में उर्वरक डालना चाहिए और उसके बाद ही बुआई करनी चाहिए। साथ ही यह भी जरूरी है कि पूरी खाद एक ही बार में खेत में डाल दी जाए, ताकि फसल को पर्याप्त पोषण मिल सके और पौधों का विकास बेहतर ढंग से हो।

वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह

डॉ. राजीव सिंह ने किसानों से पारंपरिक तौर-तरीकों के बजाय वैज्ञानिक खेती को अपनाने की अपील की है। उनका कहना है कि सही खाद प्रबंधन, खेत में नमी बनाए रखने और समय पर खरपतवार नियंत्रण जैसे उपायों से सोयाबीन की उपज में सुधार लाया जा सकता है और किसानों को अधिक मुनाफा मिल सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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