उपनाम: जमुई
जमुई के NH-333A पर बनेंगे दो बड़े पुल, आवागमन होगा आसान और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
जमुई जिले में NH-333A पर दो नए उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा।
जमुई के सुमन सौरभ की मिसाल: भाई को खोया तो खुद बने दूसरों के जीवन रक्षक, 10 हजार यूनिट रक्त का इंतजाम
बिहार के जमुई जिले के निवासी सुमन सौरभ ने अपने भाई को खून की कमी के चलते खोने के बाद रक्तदान को ही अपना जीवन मिशन बना लिया है। पिछले 16 सालों में उन्होंने खुद 40 बार रक्तदान किया है और 10 हजार यूनिट से अधिक रक्त का प्रबंध कर अनगिनत लोगों की जान बचाई है।
घर पर बनाएं बिहारी और बंगाली स्वाद का संगम, पोस्ता दाना मछली करी से बदल जाएगा खाने का अनुभव
बिहार में मछली करी के पारंपरिक स्वाद से हटकर कुछ नया आजमाना चाहते हैं तो बंगाली स्टाइल की पोस्ता दाना फिश करी एक बेहतरीन विकल्प है। जमुई के एक अनुभवी कुक ने इसे बनाने की बेहद आसान विधि साझा की है जो सेहत के लिए भी हल्की है।
कम बारिश में भी लहलहाएगी धान की फसल, जानिए ध्रुव कुमार का सफल फॉर्मूला
जमुई के एक प्रगतिशील किसान ने धान की खेती के लिए खास तकनीक साझा की है, जिससे कम पानी और कम बारिश के बीच भी बंपर पैदावार हासिल की जा सकती है।
सिलाई मशीन बनी किस्मत की चाबी: जमुई की सोनी देवी ने घूंघट की बंदिशें तोड़कर ऐसे हासिल की बड़ी कामयाबी
जमुई की रहने वाली सोनी देवी ने घर की आर्थिक तंगी से लड़ते हुए अपनी सिलाई कला को व्यवसाय का रूप दिया और आज एक आत्मनिर्भर उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल अपने दम पर कर्ज चुकाया, बल्कि लोन लेकर ननद की शादी भी धूमधाम से संपन्न कराई।
जमुई में जमीन लेना हुआ आसान, शहर से तीन गुना कम कीमत पर यहाँ मिल रहे हैं बड़े प्लॉट
जमुई शहर में बढ़ती जमीनों की कीमतों के बीच आपके लिए राहत की खबर है। शहर से सटी प्रमुख सड़कों के किनारे और लिंक रोड में आप तीन गुना सस्ती दर पर अपना आशियाना बना सकते हैं, जहाँ निवेश के बेहतरीन अवसर भी मौजूद हैं।
कश्मीर और लद्दाख जैसा अहसास अब जमुई में, मानसून में पर्यटकों के लिए जन्नत बना पंचभूर झरना
मानसून की दस्तक के साथ ही बिहार के जमुई जिले का पंचभूर झरना अपनी अद्भुत सुंदरता के लिए चर्चा में है। कभी माओवादियों के खौफ का केंद्र रही यह जगह अब पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रही है।
जमुई में इंसानियत की अनूठी मिसाल: बंदर के लिए निकाली गई धूमधाम से शवयात्रा, उमड़ा जनसैलाब
बिहार के जमुई जिले में एक बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों ने उसे बेहद सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस अनोखी शवयात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
जमुई के सचिन कुमार की कामयाबी की कहानी: अब तक हासिल की 7 सरकारी नौकरियां, अब BPSC पास कर बने SDM
जमुई के रहने वाले सचिन कुमार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अपनी मेहनत और सही रणनीति के दम पर वे अब तक सात सरकारी नौकरियां हासिल कर चुके हैं और हालिया परिणाम में BPSC पास कर SDM के पद पर चयनित हुए हैं।
जमुई की बेटी का कमाल: 14 घंटे की कड़ी मेहनत और 35 से ज्यादा पैटर्न्स से संवारा बिहार का नक्शा
जमुई की रहने वाली अनीशा दुबे ने अपनी अद्भुत कलाकारी से बिहार और भारत के नक्शे को मधुबनी और मंडला आर्ट के जरिए एक नई पहचान दी है। उनकी इस अनोखी पेंटिंग में 35 से अधिक अलग-अलग पैटर्न का इस्तेमाल किया गया है, जिसे बनाने में उन्होंने करीब 14 घंटे का समय लगाया...
बिहार के जमुई में खजाना दबा, फिर भी खाली हाथ क्यों है प्रदेश? करमटिया के सोने का सच
आंध्र प्रदेश में निजी गोल्ड माइन शुरू होने के बाद जमुई के करमटिया इलाके में छिपे स्वर्ण भंडार पर चर्चा तेज हो गई है। चार दशकों से अधिक समय बीतने के बाद भी यहां खनन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
जमुई के पहाड़ों में एडवेंचर का रोमांच, ट्रैकिंग और ऑफ-रोडिंग के लिए बेस्ट है ये जगह
बिहार के जमुई जिले में स्थित गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र रोमांच के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। बिना भीड़-भाड़ और शोर-शराबे के बीच यहां प्रकृति का भरपूर आनंद लिया जा सकता है।
जमुई के सचिन ने रचा इतिहास: 7 सरकारी नौकरियां हासिल करने के बाद अब बने एसडीएम
बिहार के जमुई जिले के रहने वाले सचिन दास देवगर ने कड़े संघर्ष के बाद 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता पाई है। मटन शॉप चलाने वाले पिता के बेटे सचिन अब एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं देंगे।
BPSC इंटरव्यू में अंचल कार्यालय पर पूछा गया पेचीदा सवाल, सचिन ने ऐसे दी मात और बने SDM
जमुई के रहने वाले सचिन ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 104वीं रैंक हासिल कर एसडीएम का पद प्राप्त किया है। इंटरव्यू के दौरान उनसे अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक कठिन सवाल पूछा गया था।
जमुई से गिरिडीह की राह होगी 50 किमी छोटी, चकाई की जगह थामें यह मार्ग; रास्ते भर मनमोहक नजारे भी
जमुई से गिरिडीह जाने के लिए चकाई के बजाय खैरा होकर जाने वाला रास्ता अपनाएं तो करीब 50 किलोमीटर की दूरी बच जाती है। घने जंगलों से घिरा यह मार्ग अच्छी सड़कों और रोमांचक सफर के लिए जाना जाता है।