बिहार
एक घंटा पहले
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विचारों
हुनर की कोई सीमा नहीं होती
यह कहना पूरी तरह सही है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर, महंगे कॉलेज या बड़े संस्थान की मोहताज नहीं होती है। देश के सुदूर गांवों से लेकर बड़े शहरों तक हुनर के कई सितारे छिपे हुए हैं। आज हम आपको बिहार के जमुई जिले की एक ऐसी ही होनहार कलाकार से मिलवा रहे हैं, जिनकी अद्भुत कलाकारी को देखकर आपकी आंखें फटी की फटी रह जाएंगी। इनका नाम माही बरनवाल है और ये अपनी कला के जरिए साबित कर रही हैं कि अगर इरादे बुलंद हों तो सफलता मिलना तय है।
बिना शब्दों के दिल जीतती कला
अक्सर अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए लोगों को शब्दों का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन अगर आपके हाथों में जादू हो तो आप बिना कुछ कहे भी लोगों के दिलों तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। जमुई जिले के सोनो प्रखंड के बटिया गांव की रहने वाली माही बरनवाल यही काम बखूबी कर रही हैं। माही मुख्य रूप से जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर रहती हैं, लेकिन उनके हुनर की चर्चा आज दूर-दूर तक है। उनके द्वारा स्केच पेन से बनाए गए आर्टवर्क इतने सटीक और सुंदर होते हैं कि उन्हें देखकर बड़े-बड़े अनुभवी कलाकार भी हैरान रह जाते हैं।
स्केच पेन से जीवंत होती हैं तस्वीरें
आमतौर पर लोग सुंदर पेंटिंग बनाने के लिए वाटर कलर, ऑयल पेंट या अन्य महंगे रंगों का उपयोग करते हैं, लेकिन माही केवल साधारण स्केच पेन का इस्तेमाल कर कमाल कर देती हैं। उनकी कला की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे इतनी बारीकी से काम करती हैं कि पेंटिंग में स्केच पेन की एक भी लकीर अलग से नहीं दिखाई देती। उनके काम को देखकर पहली नजर में यही लगता है कि मानो ये तस्वीरें किसी मशीन के जरिए तैयार की गई हों। माही वर्तमान में स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा हैं और पिछले कुछ वर्षों से लगातार अपनी इस कला को तराश रही हैं।
खुद से ही सीखा, यूट्यूब का भी नहीं लिया सहारा
माही का सफर स्कूल के दिनों से ही शुरू हो गया था, जब वे शौक-शौक में ड्राइंग किया करती थीं। धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि कला के क्षेत्र में ही उन्हें अपना भविष्य संवारना है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि माही ने इस कला को सीखने के लिए किसी भी कोचिंग संस्थान या आर्ट क्लास की मदद नहीं ली। इतना ही नहीं, उन्होंने यूट्यूब या सोशल मीडिया पर मौजूद किसी ट्यूटोरियल से भी सहायता नहीं ली। उन्होंने जो कुछ भी सीखा है, वह पूरी तरह से उनके अपने अभ्यास और मेहनत का नतीजा है।
इंस्टाग्राम से मिला नया मुकाम
अपनी कला को दुनिया तक पहुंचाने के लिए माही ने सोशल मीडिया का रुख किया और अपने बनाए आर्टवर्क को इंस्टाग्राम पर अपलोड करना शुरू कर दिया। जब लोगों ने उनकी कला की सराहना की, तो उनका आत्मविश्वास दोगुना हो गया। पिछले तीन से चार वर्षों से वह इसे एक प्रोफेशन के तौर पर अपना चुकी हैं। अब स्थिति यह है कि उन्हें इंस्टाग्राम के जरिए देश के अन्य हिस्सों से भी पेंटिंग बनाने के ऑर्डर मिल रहे हैं। माही बताती हैं कि एक पेंटिंग को पूरी तरह तैयार करने में उन्हें लगभग 32 से 34 घंटे का समय लगता है।
परिवार का मिल रहा पूरा समर्थन
माही अब तक कई दर्जन से अधिक बेहतरीन आर्टवर्क तैयार कर चुकी हैं। उनकी इस सफलता में उनके परिवार का भी बहुत बड़ा योगदान है। माही के अनुसार, उनके परिवार के सदस्य उनके इस जुनून को पूरा करने में हर कदम पर उनका साथ दे रहे हैं। माही का भविष्य का सपना इसी कला के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने का है। सुदूर इलाके से ताल्लुक रखने के बावजूद, आज माही अपनी मेहनत और लगन से इंटरनेट की दुनिया में एक बड़ा नाम बनती जा रही हैं।
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