उपनाम: जलभराव
मथुरा में मानसून की पहली बौछार ने खोली नगर निगम की पोल, जलभराव से डूबे शहर के कई प्रमुख मार्ग
उत्तर प्रदेश के मथुरा में मानसून की पहली झमाझम बारिश ने प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी है। प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से यातायात ठप हो गया और स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखा गया।
ऋषिकेश में मॉनसून की पहली बारिश ने खोली दावों की पोल, जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तराखंड में दक्षिण पश्चिम मॉनसून के दस्तक देते ही ऋषिकेश में हालात बिगड़ गए हैं। पहली बारिश में ही सड़कों पर पानी भर जाने से स्थानीय लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
फरीदाबाद की भीमसेन कॉलोनी का बुरा हाल: मॉनसून की पहली बारिश में तैरने को मजबूर लोग, स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल
फरीदाबाद की भीमसेन कॉलोनी में सीवर ओवरफ्लो और गंदगी से लोग बेहद परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले दो साल से शिकायत करने के बावजूद प्रशासन इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है।
कानपुर में चंद घंटों की बारिश ने खोली नगर निगम की पोल, सड़कें बनीं तालाब
देर रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने कानपुर शहर का हाल बेहाल कर दिया है। जलभराव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और नगर निगम के दावों की सच्चाई सामने आ गई है।
कानपुर में मानसून की पहली बौछार का कहर: नगर निगम के दावों की खुली पोल, सड़कों पर भरा कमर तक पानी
मानसून की पहली तेज बारिश ने कानपुर की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी है, जहाँ महज एक घंटे की वर्षा के बाद शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए और लोग घुटनों तक भरे पानी में फंस गए।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के मामले में बड़ी कार्रवाई, NHAI ने अधिकारियों को किया सस्पेंड, मार्ग पर यातायात बहाल
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और बड़े-बड़े गड्ढे होने का वीडियो वायरल होने के बाद NHAI ने त्वरित कार्रवाई की है। सड़क की मरम्मत कर उसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है, साथ ही लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदार पर गाज गिरी है।
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश का कहर: इंदौर, भोपाल और उज्जैन में जलभराव से जनजीवन बेहाल
मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में जलभराव और सड़कों पर जाम के बीच कई दुखद हादसे भी सामने आए हैं।
सीहोर में बारिश का कहर: आष्टा और इछावर में बाढ़ जैसे हालात, दुकानों में भरा पानी
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में लगातार दो घंटे की भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे निचली बस्तियां जलमग्न हो गई हैं और व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।
मंडला में एक घंटे की मूसलाधार बारिश से सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात, दुकानों में घुसा पानी
मध्य प्रदेश के मंडला में मानसून की पहली जोरदार बारिश ने नगर पालिका के दावों की हवा निकाल दी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
सतना: बारिश के पानी में डूबी स्कूल बस, ड्राइवर और क्लीनर ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाई बच्चों की जान
मध्य प्रदेश के सतना में झमाझम बारिश के चलते एक स्कूल बस अंडरपास में फंस गई, जिसके बाद चालक और क्लीनर ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
मुंबई में मूसलाधार बारिश का कहर, जलभराव के बीच पेड़ गिरने से एक छात्र की गई जान
मुंबई के कई हिस्सों में शाम को हुई भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है, जहाँ निचले इलाकों में पानी भरने के साथ ही दुखद हादसे भी सामने आए हैं।
अंबाला कपड़ा मार्केट: मानसून से पहले नगर निगम की सफाई मुहिम, क्या इस बार जलभराव से मिलेगी मुक्ति?
मानसून के दस्तक देने से ठीक पहले अंबाला नगर निगम ने शहर की प्रमुख कपड़ा मार्केट में जलभराव की समस्या को रोकने के लिए नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने का काम तेज कर दिया है। व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार बारिश के पानी से उनके व्यापार को नुकसान नहीं होग...
नोएडा में मानसून से पहले नालों की बदहाल स्थिति, सफाई में देरी से ग्रीन बेल्ट में बह रहा गंदा पानी
नोएडा में मानसून की आहट के साथ ही शहर की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। नाला सफाई के टेंडर में देरी के कारण शहर के 80 से 90 प्रतिशत नाले अब भी चोक हैं, जिससे गंदा पानी ग्रीन बेल्ट और रिहायशी इलाकों में फैल रहा है।
भीलवाड़ा: मारुति नगर के नलों से आ रही मिट्टी, अंडरपास बना तालाब, हजारों लोग बेहाल
भीलवाड़ा की मारुति नगर कॉलोनी के बाशिंदे बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। यहां दूषित जलापूर्ति और जलभराव की समस्या ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
सीकर: मोचीवाड़ा श्मशान मार्ग पर जलभराव से बढ़ी मुश्किलें, कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर परिजन
सीकर के मोचीवाड़ा श्मशान मार्ग पर लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। नगर परिषद की अनदेखी के चलते अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।