फरीदाबाद की भीमसेन कॉलोनी का बुरा हाल: मॉनसून की पहली बारिश में तैरने को मजबूर लोग, स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल हरियाणा 2 महीने पहले 79
फरीदाबाद की भीमसेन कॉलोनी में सीवर ओवरफ्लो और गंदगी से लोग बेहद परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले दो साल से शिकायत करने के बावजूद प्रशासन इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है।

हरियाणा के औद्योगिक शहर फरीदाबाद को कागजों पर भले ही स्मार्ट सिटी का दर्जा दे दिया गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। मॉनसून की पहली बारिश ने ही प्रशासनिक दावों और खोखली तैयारियों की पूरी तरह से हवा निकाल दी है। फरीदाबाद की भीमसेन कॉलोनी में रहने वाले लोगों के लिए यह बारिश खुशहाली के बजाय बड़ी मुसीबत बनकर आई है। कॉलोनी की लगभग सभी गलियां गंदे और बदबूदार पानी से लबालब भरी हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है। हालात इतने बदतर हैं कि लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने के लिए इस गंदे पानी में से होकर गुजरना पड़ रहा है।

स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल

भीमसेन कॉलोनी की स्थिति देखकर कोई भी यह अंदाजा नहीं लगा सकता कि यह किसी स्मार्ट सिटी का हिस्सा है। सीवर व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और सुबह के वक्त सीवर ओवरफ्लो होने से पूरी कॉलोनी तालाब में तब्दील हो जाती है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि यह गंदा पानी केवल सड़कों पर ही नहीं जमा है, बल्कि लोगों के घरों के भीतर कमरों तक में प्रवेश कर रहा है। 1 जुलाई से बच्चों के स्कूल दोबारा खुल चुके हैं, लेकिन गलियों में जमा सीवर के गंदे और दूषित पानी की वजह से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। कई बच्चों की पढ़ाई इस अव्यवस्था के कारण बाधित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले दो साल से लगातार इस समस्या का सामना कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

कमलेश का दर्द: बेड तक पहुंच जाता है गंदा पानी

भीमसेन कॉलोनी की एक पुरानी निवासी कमलेश ने इस बदहाली पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह बहुत पुरानी कॉलोनी है, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं का हमेशा अभाव रहा है। बरसात के दिनों में तो स्थिति बद से बदतर हो ही जाती है, लेकिन अब तो बिना बारिश के भी सीवर का गंदा पानी उनके घरों में घुसने लगा है। कमलेश बताती हैं कि कई बार सुबह सोकर उठने पर पता चलता है कि सीवर का पानी कमरे के अंदर बेड तक पहुंच चुका है। जब बिना बारिश के यह हाल है, तो पूरी बरसात के मौसम में क्या स्थिति होगी, यह सोचकर ही रूह कांप जाती है। सुबह के समय गटर पूरी तरह उफान पर होता है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है और मजबूरन उनकी छुट्टी करानी पड़ती है।

सीवर ब्लॉकेज और जलभराव का मुख्य कारण

इसी कॉलोनी में रहने वाली एक अन्य महिला विद्या ने सीवर ओवरफ्लो की एक बड़ी वजह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अक्सर नालियों में गंदगी को रोकने के लिए जाली लगा दी जाती है। इस जाली की वजह से पानी का बहाव रुक जाता है और कूड़ा-कचरा वहीं जमा हो जाता है। नतीजा यह होता है कि नाली ओवरफ्लो होकर पूरे इलाके को जलमग्न कर देती है। प्रशासन ने इस ब्लॉकेज को हटाने के लिए कभी कोई ठोस या परमानेंट काम नहीं किया है।

एक और स्थानीय निवासी, जिनका नाम भी कमलेश है, उन्होंने बताया कि उनका घर ठीक गटर के सामने है। इस वजह से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा, "गटर का गंदा पानी सीधे कमरे के अंदर तक घुस जाता है। जब भी शिकायत की जाती है, तो सीवर सफाई कर्मचारी सुबह आते हैं और थोड़ा-बहुत साफ कर चले जाते हैं, लेकिन शाम होते-होते गटर फिर से उफनने लगता है। पिछले एक-दो साल से यही सिलसिला लगातार चल रहा है। गंदे पानी के ऊपर तैरती गंदगी और मल को देखकर उल्टी आने लगती है। इस माहौल में सांस लेना और खाना खाना भी दूभर हो गया है।"

एलिवेटेड पुल के निर्माण से बढ़ी परेशानी

भीमसेन कॉलोनी के निवासियों का मानना है कि इस समस्या की जड़ विकास कार्यों में बरती गई लापरवाही है। स्थानीय निवासी हिमांशु ने बताया कि उनके घर के सामने चौबीसों घंटे गंदा पानी जमा रहता है। पूरे घर में सीवर की असहनीय बदबू फैली रहती है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। अब स्थिति यह है कि पैदल चलना पूरी तरह से नामुमकिन हो गया है। अगर किसी काम से बाहर जाना भी हो, तो स्कूटी या बाइक का ही सहारा लेना पड़ता है।

हिमांशु के अनुसार, यह समस्या तब से ज्यादा गंभीर हुई है जब से मोहना रोड पर एलिवेटेड पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। निर्माण कार्य के कारण सीवर की लाइनें क्षतिग्रस्त या ब्लॉक हो गई हैं। वे आगे कहते हैं कि जब भी शिकायत दर्ज कराई जाती है, सीवर विभाग की टीम महज खानापूर्ति के लिए आती है। वे पानी निकालते हैं, अपनी रिपोर्ट के लिए तस्वीरें खींचते हैं और वहां से चले जाते हैं। उनके जाने के अगले ही दिन स्थिति फिर से जस की तस हो जाती है।

25 सालों में पहली बार ऐसे बदतर हालात

कॉलोनी में पिछले 25 साल से रह रही पप्पी बताती हैं कि उनका परिवार यहां दशकों से बसा हुआ है, लेकिन उन्होंने अपने जीवन में कभी इस तरह की नारकीय स्थिति नहीं देखी। उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की कि करीब दो साल पहले जब से मोहना रोड पर एलिवेटेड पुल का काम शुरू हुआ है, तभी से यह मुसीबत कई गुना बढ़ गई है।

पप्पी ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार स्थानीय पार्षद दीपक यादव से भी शिकायत कर चुकी हैं। शिकायत के बाद नगर निगम या सीवर विभाग की गाड़ियां तो आ जाती हैं, लेकिन वे जो काम करती हैं, वह केवल एक या दो दिन का कामचलाऊ समाधान होता है। अगले ही दिन गलियां फिर से गंदे पानी से भर जाती हैं। भीमसेन कॉलोनी के समस्त निवासियों की अब सरकार और स्थानीय प्रशासन से केवल एक ही मांग है कि इस गंभीर समस्या का हमेशा के लिए कोई पक्का और ठोस समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें इस नरक जैसी जिंदगी और बदबू से हमेशा के लिए निजात मिल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप