दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के मामले में बड़ी कार्रवाई, NHAI ने अधिकारियों को किया सस्पेंड, मार्ग पर यातायात बहाल भारत 2 महीने पहले 100
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और बड़े-बड़े गड्ढे होने का वीडियो वायरल होने के बाद NHAI ने त्वरित कार्रवाई की है। सड़क की मरम्मत कर उसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है, साथ ही लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदार पर गाज गिरी है।

हाल ही में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर) पर सड़क के बीचों-बीच बड़े गड्ढे होने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने न केवल युद्ध स्तर पर सड़क की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है, बल्कि यातायात को भी पूरी तरह बहाल कर दिया है। इसके साथ ही इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर बेहद सख्त कार्रवाई की गई है। कई वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि कुछ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

इस पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि मुख्य सड़क के बीचों-बीच बहुत बड़े और गहरे गड्ढे बन गए थे, जिससे सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह धंस गया था। हैरानी की बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुए अभी केवल दो महीने ही हुए थे और इतनी जल्दी सड़क की ऐसी जर्जर हालत देखकर लोग हैरान रह गए। सड़क पर बने इन गड्ढों के बेहद करीब से तेज रफ्तार गाड़ियां गुजर रही थीं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। वीडियो के वायरल होने के बाद NHAI ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया और यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया।

पानी के भराव के कारण धंस गई थी एक्सप्रेसवे की सड़क

सड़क के धंसने और गड्ढे होने की वजह के बारे में जानकारी देते हुए NHAI ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। प्राधिकरण के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे पर जलभराव होने की वजह से सड़क का वह हिस्सा धंस गया था। भारी बारिश के बाद पानी की निकासी न हो पाने के कारण यह स्थिति पैदा हुई। NHAI ने स्पष्ट किया कि वहां के स्थानीय लोगों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के कारण वहां एक स्थाई क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम (निकासी प्रणाली) को पूरी तरह से शुरू नहीं किया जा सका था। स्थानीय निवासियों ने वहां के बैलेंसिंग कलवर्ट को जोड़ने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बजाय, वे इस कलवर्ट के रास्ते का उपयोग अपने वाहनों के आने-जाने के लिए करने लगे। इस वजह से पानी की निकासी के लिए बनाया जाने वाला मुख्य ड्रेनेज सिस्टम चालू नहीं हो सका और सड़क पर भारी जलभराव हो गया।

जल निकासी के लिए बनाया गया अस्थायी नाला

सड़क के धंसने की घटना के तुरंत बाद NHAI की टीम ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू कर दिया। एक्सप्रेसवे के प्रभावित हिस्से को ठीक करने के साथ ही पानी की सुरक्षित और सुचारू निकासी के लिए एक अस्थायी समानांतर नाला बनाना भी शुरू कर दिया गया है। प्राधिकरण ने बताया कि जब तक वहां स्थाई ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चालू नहीं हो जाता, तक तक इस अस्थायी नाले के जरिए बारिश के पानी को निकाला जाएगा ताकि भविष्य में दोबारा जलभराव न हो। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे के इस प्रभावित हिस्से की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ट्रैफिक बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

लापरवाह अधिकारियों और कांट्रैक्टर पर गिरी गाज

इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए NHAI ने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। एनएचएआई ने बताया कि संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और EPC कॉन्ट्रैक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। इसके अलावा, अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। NHAI ने दोहराया कि वह देश में बेहद मजबूत, सुरक्षित और विश्वस्तरीय नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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