मथुरा में मानसून की पहली बौछार ने खोली नगर निगम की पोल, जलभराव से डूबे शहर के कई प्रमुख मार्ग उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 75
उत्तर प्रदेश के मथुरा में मानसून की पहली झमाझम बारिश ने प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी है। प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से यातायात ठप हो गया और स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश देखा गया।

मानसून की पहली बारिश और बदहाल मथुरा

इस सप्ताह की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून ने प्रवेश कर लिया है और जमकर बारिश हो रही है। मथुरा में हुई सीजन की इस पहली जोरदार बारिश ने ही नगर निगम की तैयारियों की कलई खोलकर रख दी है। शहर के कई महत्वपूर्ण मार्ग पानी में पूरी तरह डूब गए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नगर निगम के तमाम दावों के बावजूद जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आए। विशेष रूप से नए बस स्टैंड के नीचे वाला इलाका, चौक बाजार का क्षेत्र, द्वारकाधीश मंदिर के आसपास की सड़कें और भूतेश्वर पुल के नीचे का हिस्सा जलमग्न हो गया, जिससे वाहन चालकों और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

श्रद्धालुओं और वाहन चालकों की मुश्किलें

भारी बारिश के बाद सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिसने दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। शहर की सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला और कई गाड़ियां पानी में बंद होकर खराब हो गईं। हालात इतने खराब थे कि सड़क पर स्कूटी और मोटरसाइकिलें पानी की लहरों में बहती हुई दिखाई दीं, जिन्हें बाद में स्थानीय दुकानदारों की मदद से खींचकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए भी रास्ता पार करना दुश्वार हो गया। दूर दराज से द्वारकाधीश मंदिर दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को भी भारी जलभराव के कारण मंदिर तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। नए बस स्टैंड और भूतेश्वर पुल के नीचे तो स्थिति ऐसी बनी कि यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गया। वाहन चालकों को मजबूरन अन्य वैकल्पिक रास्तों का रुख करना पड़ा, जिसके कारण उन मार्गों पर भी भारी दबाव और जाम की स्थिति बन गई।

प्रशासन के खिलाफ स्थानीय जनता का आक्रोश

सड़कों पर फैले इस जलजमाव को देखकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा नगर निगम प्रशासन पर फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि हर बार मानसून की पहली बारिश में यही नजारा देखने को मिलता है। निवासियों के मुताबिक, नगर निगम जल निकासी की कोई स्थायी योजना बनाने में विफल रहा है। नालों की समय पर सफाई न होना और जल निकासी की बेहद कमजोर व्यवस्था के कारण हल्की बारिश भी अब विकराल रूप ले लेती है और सड़कें किसी तालाब की तरह नजर आने लगती हैं। मथुरा के लोगों ने अब नगर निगम से मांग की है कि इस समस्या का कोई ठोस समाधान निकाला जाए और आने वाली बारिश के मौसम को देखते हुए नालों की गहन सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि श्रद्धालुओं और नागरिकों को दोबारा ऐसी विकट परिस्थितियों से न गुजरना पड़े।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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