मध्य प्रदेश
2 महीने पहले
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मध्य प्रदेश में मानसून की मार
मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। जुलाई महीने की शुरुआत से ही मौसम ने जो करवट ली है, उसने प्रदेश भर में तबाही के निशान छोड़ दिए हैं। बुधवार की शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला देर रात तक चलता रहा, जिससे राज्य के विभिन्न शहरों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों पर पानी जमा होने और नालों के उफान पर होने के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इंदौर में बारिश से दर्दनाक हादसे
इंदौर में भारी बारिश के दौरान अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों के बहने की सूचना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। लसूड़िया मोरी इलाके के रहने वाले 34 साल के गोलू पंवार रात के करीब 9 बजे अपने पिता के लिए भोजन लेकर जा रहे थे। इस दौरान नाले के पास से गुजरते हुए उनका पैर फिसल गया और वे तेज बहाव की चपेट में आ गए। पुलिस और बचाव दल ने रात भर तलाश की, जिसके बाद गुरुवार की सुबह उनका शव बरामद किया गया। एक अन्य घटना इंदौर के अहीरखेड़ी क्षेत्र की है, जहां महेश चौहान अपने साथी मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहे थे। अचानक आए तेज बहाव के कारण दोनों उसमें बह गए, जिसमें से मनीष को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन महेश की तलाश अभी भी जारी है। प्रशासन और बचाव दल लगातार नदी और नालों के किनारों पर उनकी खोजबीन में जुटे हैं।
भोपाल का हाल और निगम मुख्यालय की पोल
राजधानी भोपाल में बारिश ने नगर निगम के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। शहर के निचले इलाकों में वाटर लॉगिंग की समस्या ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बारिश के कारण सड़कों पर लंबा जाम लगा रहा और वाहन रेंगते हुए नजर आए। सबसे हैरान करने वाली स्थिति नए बने नगर निगम मुख्यालय में देखने को मिली। करीब 75 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुई इस आधुनिक इमारत का लोकार्पण पिछले महीने ही हुआ था, लेकिन पहली ही बड़ी बारिश में पानी इसके भीतर घुस गया। निगम मुख्यालय अब एक वॉटर लॉबी में तब्दील होता नजर आया, जिसने नवनिर्मित भवन की गुणवत्ता और निर्माण पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जबलपुर में बोलेरो बहने से मौत
जबलपुर जिले में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बेलखेड़ा क्षेत्र में नाले उफान पर हैं, जहां एक बड़ा हादसा घटित हो गया। एक बोलेरो गाड़ी उफनते नाले को पार करने का प्रयास कर रही थी, तभी तेज बहाव के कारण वह बह गई। हादसे में चालक रवि पिल्ले की दुखद मौत हो गई। हालांकि, गाड़ी में सवार तीन अन्य लोग शीशा तोड़कर किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहे। बताया जा रहा है कि उस समय नाले में पानी का स्तर 3 फुट से अधिक था। स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उज्जैन में जलमग्न हुई सड़कें
उज्जैन में भी बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नई सड़क, बहादुर गंज, चामुंडा माता मंदिर चौराहा, इंदौर गेट, गदा पुलिया, नीलगंगा और एटलस चौराहा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर पानी भरा हुआ है। इसी बीच ग्राम पंचायत गांवड़ी लोधा से भी एक दुखद खबर आई, जहां सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा अपनी टू-व्हीलर बाइक सहित पानी के तेज बहाव में बह गए। प्रशासन ने जिले के लोगों को अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन की अपील और बचाव कार्य
अडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान किसी भी प्रकार का अनावश्यक जोखिम न लें। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि लोग तेज बहाव वाले क्षेत्रों, पुलियों और नालों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक प्रदेश में इसी तरह बारिश की संभावना जताई है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क मोड पर है।
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