उपनाम: गार्डनिंग टिप्स
छत हो या बगीचा... कम जगह में उगाएं हरा कद्दू, बीज बोने के कुछ हफ्तों बाद ही खिलेंगे पीले फूल
अगर बाजार की महंगी और केमिकल वाली सब्जियों से परेशान हैं, तो अपने घर की छत या बालकनी में कद्दू उगाना शुरू करें। कम जगह और थोड़ी देखभाल में ही आपको ताजी, ऑर्गेनिक सब्जी मिल जाएगी।
गमले में उगाएं रसीली लीची का पेड़? बीज से पौधा तैयार करने का लंच बॉक्स वाला आसान तरीका आजमाएं
घर की बालकनी या छत पर लीची का पेड़ उगाना अब मुश्किल नहीं। मिट्टी में सीधे बीज डालने के बजाय पुराने लंच बॉक्स और टिशू पेपर का यह हैक अपनाएं और सिर्फ 3-4 दिनों में ढेर सारे स्प्राउट्स पाएं।
जेड प्लांट की पत्तियां पड़ रही हैं पीली? जानें वे गलतियां जो पौधे को बनाती हैं कमजोर और सही देखभाल का तरीका
जेड प्लांट को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, पर गलत देखभाल इसकी सेहत बिगाड़ देती है। सही धूप, संतुलित पानी, अच्छी मिट्टी, समय पर खाद और हल्की कटाई-छंटाई से यह पौधा दोबारा हरा-भरा और घना हो सकता है।
माली का देसी नुस्खा: लहसुन के छिलकों से बनाएं मुफ्त खाद, सूखते पौधे फिर लहलहाएंगे और खिलेंगे ढेरों फूल
लहसुन के छिलकों से तैयार घरेलू लिक्विड फर्टिलाइजर गर्मी में मुरझाते पौधों के लिए संजीवनी का काम कर सकता है। यह पूरी तरह प्राकृतिक, मुफ्त और बेहद आसान तरीका पौधों को पोषण देकर उन्हें हरा-भरा और फूलों से भरपूर बनाने में मदद करता है।
हनुमान जी को प्रिय लाल गुलाब घर में उगाएं, इस देसी लिक्विड खाद से पौधा भर जाएगा फूलों से, जानें बनाने का तरीका
हनुमान जी को अर्पित किए जाने वाले लाल गुलाब के पौधे पर ज्यादा फूल पाने के लिए वर्मीकंपोस्ट, नीम खली और सीवीड से बनी घरेलू लिक्विड खाद बेहद कारगर मानी जाती है। सही पोषण, उचित देखभाल और संतुलित धूप से कमजोर गुलाब का पौधा दोबारा फूलों से भर सकता है।
गर्मी में पौधों को रखना है हरा-भरा, तो पानी के साथ दें यह घरेलू खाद, जानें बनाने और इस्तेमाल का तरीका
केले के छिलके और चाय की पत्ती से घर पर ही जैविक तरल खाद तैयार की जा सकती है। इसे पतला करके हफ्ते में 1 से 2 बार देने पर मिट्टी में नमी और पोषण बना रहता है और पौधे गर्मी भर हरे-भरे रहते हैं।
कम पानी और तेज धूप में भी खिलेगा 'डेजर्ट रोज', घर की रंगत बढ़ा देंगे रंग-बिरंगे फूल
नर्सरी से खरीदा गया ग्राफ्टेड डेजर्ट रोज लगभग 3 से 6 महीने में फूल देने लगता है, जबकि बीज से तैयार पौधे में फूल आने में 1 से 2 साल लग सकते हैं। कम देखभाल और कम पानी में भी यह पौधा छत-बालकनी को आकर्षक बना देता है।