मोगरे में नहीं खिल रहे फूल? बस ये 2 आसान तरीके अपनाइए और पाइए खुशबूदार कलियों से भरा पौधा जीवनशैली एक महीने पहले 21
मोगरे में फूल न आने और पत्तियां पीली पड़ने की परेशानी से जूझ रहे हैं तो सिर्फ दो आसान उपाय काफी हैं। सही छंटाई और ऑर्गेनिक खाद के सहारे पौधा तेजी से बढ़ेगा और ढेरों सुगंधित फूल देगा।

क्या घर के गमले में लगा आपका मोगरा भी सिर्फ हरी पत्तियां ही बढ़ा रहा है और फूल खिलने का नाम नहीं ले रहा? गर्मियों में मोगरे की भीनी खुशबू भला किसे नहीं भाती, लेकिन ठीक से देखभाल न मिले तो यही पौधा धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है। अक्सर लोग महंगी खाद और तरह-तरह के नुस्खे आजमा लेते हैं, फिर भी मनचाहा नतीजा हाथ नहीं लगता।

गार्डनिंग एक्सपर्ट का कहना है कि मोगरे को ज्यादा कुछ नहीं चाहिए। बस सही वक्त पर थोड़ी सी देखभाल और पौधे की जरूरत के मुताबिक पोषण मिल जाए तो काम बन जाता है। अगर आपके मोगरे की कलियां सूख रही हैं, फूल कम आ रहे हैं या पत्तियां पीली पड़ रही हैं, तो महज दो आसान काम करके आप पौधे को दोबारा हरा-भरा बना सकते हैं।

ज्यादा फूलों के लिए करें सही छंटाई

मोगरे के पौधे की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसमें नई शाखाओं पर ज्यादा फूल निकलते हैं। कई लोग सूखी और पुरानी टहनियों को हटाते ही नहीं, जिसके चलते पौधे की नई ग्रोथ रुक जाती है। माली की सलाह है कि समय-समय पर मोगरे की प्रूनिंग यानी कटाई-छंटाई जरूर करते रहें।

पौधे की कमजोर, सूखी और पुरानी टहनियों को ऊपर से करीब डेढ़ से दो इंच तक काट दें। ऐसा करने पर पौधे में नई शाखाएं फूटने लगती हैं। जैसे-जैसे नई शाखाएं बढ़ती हैं, उन पर ज्यादा कलियां बनने लगती हैं और कुछ ही समय में मोगरे का पौधा फूलों से लद सकता है। एक बात का ध्यान जरूर रखें कि कटाई हमेशा साफ और तेज कैंची से ही करें, ताकि पौधे को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।

ऑर्गेनिक खाद से मिलेगा भरपूर पोषण

दूसरा आसान उपाय है पौधे की जरूरत के हिसाब से सही पोषण देना। ऑर्गेनिक यानी जैविक खाद के इस्तेमाल से मोगरा तेजी से बढ़ता है और उसमें ढेरों खुशबूदार फूल आने लगते हैं। सही छंटाई के साथ जब पौधे को सही समय पर यह पोषण मिलता है, तो वह दोबारा हरा-भरा होकर महक बिखेरने लगता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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