तरबूज के छिलकों को न फेंकें, घर पर ऐसे बनाएं असरदार ऑर्गेनिक खाद और संवारें अपना बगीचा जीवनशैली एक महीने पहले 29
तरबूज के छिलकों को कूड़े में फेंकने के बजाय उनसे लिक्विड खाद तैयार की जा सकती है। चावल का पानी, छाछ और गुड़ मिलाकर बनी यह खाद पौधों को जरूरी पोषण देकर उन्हें तेजी से बढ़ने में मदद करती है।

गर्मी का मौसम आते ही तरबूज लगभग हर घर की पहली पसंद बन जाता है। मीठा, रसीला और शरीर को ठंडक देने वाला यह फल बड़ों से लेकर बच्चों तक सबको भाता है। लेकिन तरबूज खाने के बाद उसके मोटे छिलके सीधे कूड़ेदान में चले जाते हैं। अगर आपकी भी यही आदत है, तो इसे बदलने का समय आ गया है। जिन छिलकों को हम बेकार समझकर फेंक देते हैं, वही आपके बगीचे के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं।

आजकल लोग रासायनिक खाद की जगह घर पर तैयार जैविक खाद को तरजीह दे रहे हैं। इसका फायदा यह है कि पौधों की बढ़त बेहतर होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहती है। गार्डनिंग विशेषज्ञों के अनुसार, तरबूज के छिलकों से बनी लिक्विड खाद पौधों को कई आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराती है।

चावल का पानी, छाछ और गुड़ बढ़ाते हैं असर

इस खाद की खास बात यह है कि इसमें चावल का पानी, छाछ और गुड़ मिलाने से इसकी ताकत और बढ़ जाती है। यह तरीका न सिर्फ आसान और किफायती है, बल्कि रसोई के कचरे को दोबारा इस्तेमाल में लाने का भी शानदार उपाय है।

तरबूज के छिलके पौधों के लिए क्यों हैं फायदेमंद?

तरबूज के छिलकों में पोटैशियम, नाइट्रोजन, कैल्शियम और कई सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये तत्व पौधों की जड़ों को मजबूत बनाने, नई पत्तियां निकालने और फूल-फल बढ़ाने में सहायता करते हैं।

जब इन छिलकों को फर्मेंट यानी सड़ाया जाता है, तो इनमें मौजूद पोषक तत्व पानी में आसानी से घुल जाते हैं। इससे पौधे इन पोषक तत्वों को तेजी से सोख पाते हैं और उनका विकास बेहतर ढंग से होता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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