उपनाम: फरीदाबाद
निर्जला एकादशी पर बरसेगी लक्ष्मी-नारायण की कृपा, इस बार फरीदाबाद के लिए खास है यह व्रत
25 जून 2026 को मनाई जाने वाली निर्जला एकादशी इस बार गुरुवार को पड़ रही है, जो विशेष रूप से सुख-समृद्धि और विवाह बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है।
री-नीट 2026: फरीदाबाद में कठिन फिजिक्स ने किया परेशान, छात्रों ने कहा- पिछली परीक्षा से था मुश्किल
फरीदाबाद में आयोजित री-नीट 2026 की परीक्षा के बाद छात्रों ने फिजिक्स के कठिन सवालों पर चिंता जताई है। अधिकांश परीक्षार्थियों का मानना है कि 3 मई को हुई परीक्षा के मुकाबले इस बार का पेपर अधिक चुनौतीपूर्ण था।
फरीदाबाद: भिंडी की फसल पर रहस्यमयी कीटों का कहर, लाखों की लागत डूबी
फरीदाबाद के साहुपुरा गांव में किसान भिंडी की फसल पर लगे अजीबोगरीब कीड़ों से बेहाल हैं। कीटनाशकों के भारी छिड़काव के बाद भी फसल बर्बाद हो रही है जिससे किसानों की कमर टूट गई है।
फरीदाबाद में नोटिसों का खौफ: 'ईंट के नीचे दबाकर रख गए कागज', 2000 परिवार पूछ रहे- 'हमारा कसूर क्या?'
फरीदाबाद की जीवन नगर पार्ट-2 और आसपास की कॉलोनियों में घरों पर चस्पा कारण बताओ नोटिसों ने हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है। जिंदगी भर की कमाई से बने आशियानों के छिनने का डर लोगों को सता रहा है।
फरीदाबाद के लिए क्यों खास है 16 जून? ज्येष्ठ का सातवां बड़ा मंगलवार और दक्षिण दिशा का योग
16 जून को पड़ने वाला ज्येष्ठ माह का सातवां बड़ा मंगलवार हनुमान भक्तों के लिए विशेष है। महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार इस दिन सिंदूर-चोला, केसर भात, गुड़-चना और नारियल अर्पित करने से सुख-समृद्धि, रक्षा और बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद मिलता है।
गुडईयर मोड़ पर बारिश का पानी अब सीधे नहर में, फरीदाबाद को जलभराव से मिलेगी राहत
फरीदाबाद के गुडईयर मोड़ पर वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर काम चल रहा है। एफएमडीए बड़ी पाइपलाइन और संग्रहण टैंक के जरिए बारिश का पानी सीधे नहर तक पहुंचाने की तैयारी में है।
फरीदाबाद में मिथिला समाज की जीवंत परंपरा, घास की झोपड़ी में पूरे होते हैं मृत्यु के बाद के संस्कार
फरीदाबाद के सेक्टर-8 स्थित मिथिलांचल काली मंदिर में 70 वर्षीय पूरण मंडल घास, बांस और मूंज की रस्सियों से वह झोपड़ी तैयार करते हैं, जिसमें मिथिला समाज मृत्यु के बाद के सभी धार्मिक रीति-रिवाज निभाता है। पिछले 20 वर्षों से यह काम कर रहे पूरण मंडल इस सदियों प...
बल्लभगढ़ सिटी पार्क में बंदरों को लेकर बंटी राय, कोई बता रहा आतंक तो कोई कह रहा इंसानी गलती
बल्लभगढ़ के सिटी पार्क में बंदरों को लेकर लोगों की राय अलग-अलग है—कुछ इसे बच्चों और दुकानदारों के लिए बड़ी समस्या मानते हैं तो कुछ का कहना है कि बंदर तभी हमला करते हैं जब उन्हें छेड़ा जाए। बढ़ती शिकायतों के बीच आगंतुक स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
बल्लभगढ़ में 225 करोड़ की एलिवेटेड रोड बनी मुसीबत, दुकानदारों से राहगीरों तक सब परेशान
फरीदाबाद के मोहना रोड पर बन रही 225 करोड़ रुपये की एलिवेटेड रोड का काम करीब एक महीने से ठप है। खुदी सड़क, धूल और गड्ढों ने दुकानदारों, ऑटो चालकों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उंगली थामकर चलना सिखाने वाली मां को बेटे ने घर से बाहर कर दिया, बेबस वृद्धा की यह दास्तां झकझोर देगी
फरीदाबाद की 56 वर्षीय आशारानी को बीमारी के बाद बेटे और बहू ने अपने साथ रखने से इनकार कर दिया। डेढ़ महीने से वृद्धाश्रम में रह रहीं आशारानी को यहां किसी चीज़ की कमी नहीं, पर अपनों से दूरी का दर्द रोज़ उनकी आंखें भिगो देता है।
यूपी से बीज लाकर फरीदाबाद में अरबी की खेती कर रहे किसान बदन सिंह, नए प्रयोग ने चौंकाया
फरीदाबाद के डीग गांव के किसान बदन सिंह ने सब्जियों में बार-बार नुकसान झेलने के बाद अरबी की खेती शुरू की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश से बीज मंगाकर 3 बिस्वा जमीन पर अरबी लगाई है।
फरीदाबाद की नेहरू कॉलोनी में बुलडोजर का खौफ, 'नौकरी करें या घर बचाएं' की दुविधा में फंसे हजारों परिवार
फरीदाबाद की नेहरू कॉलोनी में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान में अब तक 300 से ज्यादा निर्माण गिराए जा चुके हैं और कई लोगों को मकान खाली करने के नोटिस थमाए गए हैं, जिससे यहां रहने वाले हजारों परिवार दहशत में हैं।
बल्लभगढ़ नाम के पीछे की दिलचस्प दास्तान, जानें फरीदाबाद के इस शहर का गौरवशाली इतिहास
फरीदाबाद का बल्लभगढ़ इतिहास और आधुनिक विकास का अनूठा मेल है। तेवतिया जाटों की रियासत, 1857 के वीर राजा नाहर सिंह का बलिदान, नाहर सिंह महल और रानी की छतरी इस शहर की खास पहचान हैं।
फरीदाबाद के प्याला फाटक पर दो साल से अटका फ्लाईओवर, धीमी रफ्तार से लोग परेशान
फरीदाबाद के प्याला रेलवे फाटक पर बन रहा फ्लाईओवर करीब दो साल बाद भी अधूरा है, जिससे नौकरीपेशा, किसान, छात्र और बुजुर्ग रोजाना परेशान हैं। 35 करोड़ रुपये की इस परियोजना के छह महीने में पूरा होने का दावा किया जा रहा है, पर स्थानीय लोगों को भरोसा नहीं।
'चुनाव में बड़े-बड़े वादे, फिर कोई नहीं आता'—फरीदाबाद की सपेरा कॉलोनी में जलभराव और गंदगी से बेहाल लोग, बार-बार शिकायत पर भी सुनवाई नहीं
फरीदाबाद के सोतई गांव की सपेरा कॉलोनी पिछले 10 से 12 साल से नालियों के अभाव, जलभराव और गंदगी से जूझ रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान न होने से नाराज लोग अब जल्द नाली निर्माण और जल निकासी की मांग कर रहे हैं।