उपनाम: CPEC
चीन का पाकिस्तान प्लान क्यों हो रहा फेल, बलूचिस्तान की हिंसा में कैसे फंसा ड्रैगन का अरबों डॉलर का सपना
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बढ़ती अस्थिरता और हिंसा ने चीन के महत्वाकांक्षी सीपीईसी (CPEC) प्रोजेक्ट को गहरे संकट में डाल दिया है। ग्वादर बंदरगाह से लेकर खदानों तक, चीनी निवेश अब सुरक्षा चुनौतियों के साये में है।
PoK अगर पाकिस्तान से अलग हुआ, तो क्या होगी तबाही? जानिए क्यों चीन और इस्लामाबाद के उड़ रहे हैं होश
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में छिड़े विद्रोह ने पाकिस्तान की नींव हिला दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह क्षेत्र पाकिस्तान से अलग होता है, तो देश को आर्थिक और भू-राजनीतिक स्तर पर विनाशकारी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
पाकिस्तान और चीन के बीच लिथियम बैटरी का नया समझौता, क्या इससे सुधरेगी देश की आर्थिक स्थिति?
आर्थिक संकट से घिरे पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर कराची में लिथियम आयन बैटरी प्लांट स्थापित करने का करार किया है। इस समझौते को देश में औद्योगिक विकास की नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।
भारत ने जिस गलियारे से किया था पाकिस्तान को दूर, अब उसी INSTC में घुसने की फिराक में मुनीर, रूस बना मददगार
पाकिस्तान ने इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का हिस्सा बनने की इच्छा जताई है और रूस ग्वादर पोर्ट को इस मार्ग से जोड़ने का समर्थन कर रहा है। यही कॉरिडोर भारत, ईरान और रूस ने पाकिस्तान को बायपास करने के लिए शुरू किया था।
पाकिस्तान में भड़का असंतोष: मौलाना फजल-उर-रहमान का सेना पर हमला, भारत से रिश्तों पर शहबाज सरकार को फटकार
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फ) प्रमुख मौलाना फजल-उर-रहमान ने सेना, सत्ता प्रतिष्ठान और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि स्वात से बलूचिस्तान तक कई सैन्य अभियानों के बावजूद आतंकवाद थमा नहीं है। उन्होंने देश की सुरक्षा, विदेश और राजनीतिक नीति को विफल करार दिया।
बलूचिस्तान: 77 वर्षों की पीड़ा, 2.5 लाख जानें, 40 हज़ार लापता और 10 लाख विस्थापित
बलूचिस्तान की 77 साल लंबी दास्तान मौत, कथित अपहरण, विस्थापन और संसाधनों के दोहन की कहानी है, जहाँ हज़ारों परिवार आज भी अपने प्रियजनों के लौटने की राह देख रहे हैं।