बिहार
3 घंटे पहले
8
विचारों
कैंडी क्रश में शुभम की नई उड़ान
बिहार के छपरा जिले के दिघवारा के रहने वाले 19 वर्षीय शुभम कुमार ने मोबाइल गेमिंग की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। शुभम ने कैंडी क्रश सागा में 22,222वें लेवल तक का सफर तय करके इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया था। किशोर वर्ग में सबसे ऊंचे लेवल तक पहुँचने की यह अद्भुत उपलब्धि हासिल करने के बाद भी शुभम रुके नहीं हैं। हाल ही में कैंडी क्रश की आधिकारिक कम्युनिटी में शुभम ने साझा किया है कि वह अब सफलता के नए सोपान तय करते हुए 23,165वें लेवल तक पहुँच चुके हैं। यह दर्शाता है कि जिस रिकॉर्ड ने उन्हें दुनिया भर में चर्चा का विषय बनाया था, वह उनके लिए केवल एक पड़ाव मात्र था।
इंटरनेशनल रिकॉर्ड और किशोर वर्ग की उपलब्धि
शुभम कुमार ने आधिकारिक तौर पर 5 जुलाई 2026 को कैंडी क्रश सागा में 22,222वें लेवल तक पहुँचने का गौरव हासिल किया था। उस समय उनकी आयु 19 वर्ष, 8 महीने और 25 दिन थी। उनकी इस मेहनत को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता दी। यहाँ यह स्पष्ट करना अत्यंत आवश्यक है कि शुभम की यह उपलब्धि विशेष रूप से किशोर श्रेणी यानी टीनएज कैटेगरी के लिए है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्होंने इस गेम में दुनिया का सबसे ऊंचा लेवल हासिल किया है, लेकिन किशोर आयु वर्ग में इतनी बड़ी संख्या तक पहुँचना निश्चित रूप से एक बड़ी बात है। उन्होंने रिकॉर्ड बनाने के बाद भी खेल को जारी रखा और आज वह 23,165वें लेवल के आंकड़े को पार कर चुके हैं।
कैंडी क्रश सागा का गेमप्ले
कैंडी क्रश सागा एक अत्यंत लोकप्रिय पज़ल गेम है, जिसे किंग नामक गेमिंग कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। यह गेम मोबाइल और इंटरनेट पर दुनिया भर में करोड़ों लोगों द्वारा खेला जाता है। इस खेल का मूल उद्देश्य एक जैसे रंग और आकार वाली कम से कम तीन कैंडी को एक पंक्ति में मिलाकर उन्हें हटाना होता है। खिलाड़ी को सीमित चालों के भीतर लक्ष्य प्राप्त करने होते हैं। यदि खिलाड़ी चार या उससे अधिक कैंडी को एक साथ जोड़ते हैं, तो उन्हें विशेष प्रकार की पावरफुल कैंडी मिलती है, जो खेल को और अधिक रोमांचक और आसान बनाती है। हर लेवल में चुनौतियाँ बदलती रहती हैं और हजारों स्तरों को पार करना धैर्य और कौशल का काम है।
क्या है शुभम का सफलता का रहस्य?
कैंडी क्रश के हजारों लेवल पार करना कोई आसान काम नहीं है। जैसे-जैसे गेम आगे बढ़ता है, वैसे-वैसे चुनौतियाँ कठिन होती जाती हैं। शुभम के इस सफर के पीछे उनकी निरंतर एकाग्रता और खेल के हर बारीकी को समझने की क्षमता है। गेमिंग विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ऊंचाई तक पहुँचने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। हालाँकि शुभम ने स्वयं अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्होंने इन स्तरों को पार करने के लिए कुल कितने घंटों का समय इस गेम को दिया है, लेकिन उनकी निरंतरता यह साबित करती है कि वे गेम की पेचीदगियों को बखूबी समझते हैं।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई और गेमिंग का संतुलन
शुभम कुमार के बारे में एक और रोचक तथ्य यह है कि वह केवल एक गेमर नहीं हैं, बल्कि अपनी पढ़ाई में भी काफी गंभीर हैं। बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुभम वर्तमान में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, सीवान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई का भारी दबाव और तकनीकी शिक्षा के बीच गेमिंग को समय देना उनके बेहतरीन टाइम मैनेजमेंट को दर्शाता है। वह एक ओर अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए मेहनत कर रहे हैं, तो दूसरी ओर अपने शौक और कौशल को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने में भी सफल रहे हैं।
गेमिंग जगत की नजरें अब शुभम पर
शुभम की कहानी यह सिद्ध करती है कि यदि सही दिशा और जुनून हो, तो मोबाइल गेम को भी एक उपलब्धि के रूप में बदला जा सकता है। मनोरंजन के लिए शुरू किया गया खेल अब एक रिकॉर्ड में बदल चुका है। 22,222वें लेवल पर जो सफर शुरू हुआ था, वह अब 23,165 तक पहुँच चुका है। गेमिंग प्रशंसक अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि शुभम अगला क्या लक्ष्य तय करते हैं और उनकी यात्रा कैंडी क्रश के कौन से अंतिम मुकाम तक जाती है। उनका यह सफर निश्चित रूप से उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपना समय केवल स्क्रीन पर व्यर्थ बिताने के बजाय अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना चाहते हैं।
Comments
0 comment