बिहार
एक घंटा पहले
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विचारों
खेती में बदलाव की नई मिसाल
बिहार के छपरा जिले से खेती को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई है, जो पारंपरिक तरीकों से हटकर मुनाफे की नई राह दिखा रही है। यहाँ के किसान अब अपनी सीमित जमीन का स्मार्ट उपयोग कर रहे हैं। वे एक ही खेत में एक साथ कई तरह की फसलें उगा रहे हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। छपरा के गरखा प्रखंड के नराव गांव निवासी हेमंत सिंह इस आधुनिक कृषि मॉडल के सबसे बड़े उदाहरण के रूप में सामने आए हैं।
हेमंत सिंह की प्रेरणा और नवाचार
हेमंत सिंह ने कृषि विज्ञान के क्षेत्र में अपनी पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में वे कृषि विभाग में कार्यरत हैं। अपनी पढ़ाई और काम के दौरान ही उनके मन में विचार आया कि कैसे एक ही भूमि का इस्तेमाल बहुआयामी तरीके से किया जाए ताकि लागत कम हो और मुनाफा कई गुना बढ़ जाए। उन्होंने इसी सोच के साथ अपने निजी खेतों पर प्रयोग शुरू किया, जो आज पूरी तरह सफल साबित हुआ है। उनके इस सफल प्रयास को देखकर इलाके के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं और कृषि विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेकर इस आधुनिक तकनीक को अपना रहे हैं।
एक साथ तीन तरह की कमाई
हेमंत सिंह का खेती का मॉडल बेहद वैज्ञानिक और योजनाबद्ध है। उन्होंने अपने खेत को इस तरह व्यवस्थित किया है कि उन्हें एक ही जगह से लकड़ी, सब्जी और फल तीनों से आमदनी हो रही है:
- महोगनी के पेड़: हेमंत सिंह ने अपने खेत की मेड़ और किनारों पर महोगनी के पेड़ लगाए हैं। ये पेड़ लगभग 20 साल में तैयार होते हैं, और जब ये पूरी तरह विकसित हो जाते हैं, तो इनकी लकड़ी बाजार में लाखों रुपये में बिकती है।
- सब्जी की खेती: खेत के मुख्य हिस्से में उन्होंने 15 कट्ठा जमीन पर राधिका वैरायटी की भिंडी लगाई है। इसका उत्पादन इतना अच्छा है कि वे एक दिन छोड़कर लगभग डेढ़ क्विंटल भिंडी बाजार में बेचते हैं।
- ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन: उन्होंने भिंडी की क्यारियों के बीच खंभे लगाकर ड्रैगन फ्रूट के पौधे भी लगाए हैं। अब इन पौधों में फल लगने शुरू हो गए हैं। चूंकि बाजार में ड्रैगन फ्रूट की मांग और कीमत काफी अधिक रहती है, इसलिए यह उन्हें अतिरिक्त आय प्रदान कर रहा है।
क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना मॉडल
हेमंत सिंह के इस अनोखे और सफल प्रयोग को देखने के लिए अब केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी लोग आ रहे हैं। बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी कई किसान उनके खेतों का दौरा कर रहे हैं ताकि वे इस बागवानी तकनीक को बारीकी से समझ सकें। हेमंत सिंह का मानना है कि उनका मुख्य उद्देश्य अन्य किसानों को जागरूक करना है ताकि वे कम लागत में खेती को आर्थिक रूप से फायदेमंद बना सकें। यह मॉडल न केवल उनकी अपनी आय का जरिया बना है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन मार्गदर्शन का काम भी कर रहा है।
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