देवघर यात्रा का आनंद होगा दोगुना, बाबाधाम के पास दुमका की इन 5 जगहों पर जरूर जाएं झारखंड एक घंटा पहले 2
अगर आप देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करने जा रहे हैं, तो मात्र 2 घंटे की दूरी पर स्थित दुमका की खूबसूरती देखना न भूलें। यहाँ धार्मिक आस्था और प्राकृतिक पर्यटन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

देवघर से दुमका का सफर

झारखंड की उप-राजधानी दुमका देवघर से करीब 65 से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सड़क मार्ग से आप महज डेढ़ से दो घंटे में यहाँ पहुंच सकते हैं। देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद अगर आप कुछ अलग और रोमांचक अनुभव करना चाहते हैं, तो दुमका आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

बाबा बासुकिनाथ धाम

देवघर से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित बासुकिनाथ धाम एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है। मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक श्रद्धालु बासुकिनाथ में भगवान शिव के दर्शन नहीं कर लेते। सावन और भादो के महीनों में यहाँ शिव भक्तों का भारी सैलाब उमड़ता है।

मसानजोर डैम और सेल्फी ब्रिज

मयूराक्षी नदी पर बना मसानजोर डैम, जिसे कनाडियन डैम के नाम से भी जाना जाता है, देवघर से 85 किलोमीटर की दूरी पर है। कनाडा सरकार के सहयोग से निर्मित यह बांध अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। इसी के समीप बना सेल्फी ब्रिज आजकल पर्यटकों, विशेषकर युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय है। यहाँ से सूर्यास्त का नजारा बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।

तातलोई गर्म जल कुंड

देवघर से 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तातलोई गर्म जल कुंड घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसा है। यहाँ का पानी साल भर गर्म रहता है और स्थानीय लोगों का मानना है कि इसमें स्नान करने से त्वचा संबंधी बीमारियों में राहत मिलती है। सर्दियों के समय में यहाँ पर्यटकों की काफी भीड़ देखी जाती है।

ऐतिहासिक मालूटी मंदिर

इतिहास और वास्तुकला के शौकीनों के लिए मालूटी मंदिर एक अनिवार्य स्थान है। देवघर से 75 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव अपने प्राचीन टेराकोटा मंदिरों के लिए पूरे भारत में मशहूर है। यहाँ कभी 108 मंदिर हुआ करते थे, जिनकी कलाकृतियाँ संताल और बंगाल की मिली-जुली संस्कृति को दर्शाती हैं।

सृष्टि पहाड़ पार्क

देवघर से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सृष्टि पहाड़ पार्क परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक शानदार जगह है। पहाड़ी पर स्थित यह पार्क अपनी हरियाली, ठंडी हवा और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। बरसात के मौसम में यहाँ का दृश्य किसी हिल स्टेशन जैसा हो जाता है, जहाँ बच्चे और बड़े सभी सुकून के पल बिता सकते हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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