बिहार
एक दिन पहले
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वीर सपूत को भावभीनी विदाई
देश की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक जांबाज जवान अमरेश कुमार ने अपनी अंतिम सांस ली। 54 वर्षीय अमरेश कुमार का पार्थिव शरीर जैसे ही बिहार के मुंगेर जिले स्थित उनके पैतृक आवास बरियारपुर पहुंचा, पूरे इलाके में मातम पसर गया। तिरंगे में लिपटे अपने वीर बेटे को आखिरी बार देखने के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण और स्थानीय निवासी जमा हो गए। हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन सभी के दिलों में इस बात का गर्व था कि अमरेश कुमार ने राष्ट्र सेवा के पथ पर चलते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, अमरेश कुमार 48वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी तैनाती जीराबाग से इंफाल क्षेत्र में थी। 16 जुलाई को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पहले स्थानीय चिकित्सा केंद्र और बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि वे मधुमेह से ग्रसित थे। अस्पताल में उपचार के दौरान 22 जुलाई को उनका देहांत हो गया।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सीआरपीएफ की ओर से विशेष प्रबंध करते हुए उनके पार्थिव शरीर को विमान के जरिए पटना लाया गया। वहां से सड़क मार्ग से जवान के शव को उनके गांव बरियारपुर लाया गया। जैसे ही शव घर पहुंचा, जवान की पत्नी माला कुमारी कंचन और 20 वर्षीय पुत्री दीक्षा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों का क्रंदन देख वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। इसके बावजूद परिजनों ने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्होंने देश की सेवा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
अमरेश कुमार की अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भारी संख्या में भाग लिया। पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद बैंड-बाजे की धुन के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई, जो ब्रह्मस्थान, बरियारपुर बाजार और फुलकिया गांव से होते हुए कल्याण टोला गंगा घाट तक पहुंची। रास्ते भर लोग अमरेश कुमार अमर रहें और भारत माता की जय के नारों से आसमान गुंजाते रहे। गंगा घाट पर सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम सलामी के बाद सैन्य परंपराओं के अनुरूप उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान स्थानीय पुलिस बल और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद रहे। उनकी शहादत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डूबो दिया है।
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