डेढ़ साल बाद घर लौटा 'मृत' युवक, परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार उत्तर प्रदेश एक दिन पहले 4
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां डेढ़ साल से लापता युवक घर लौटा तो पता चला कि परिजन उसे मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर चुके हैं।

घर वापसी पर मिला हैरान करने वाला मंजर

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सैदपुर गांव के रहने वाले कमल सिंह करीब डेढ़ साल बाद जब अचानक अपने घर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर वह खुद स्तब्ध रह गए। उनके परिवार के लोग उस समय घर पर कमल सिंह का शुद्धि संस्कार कर रहे थे, क्योंकि उन्हें लगा था कि कमल की मृत्यु हो चुकी है। कमल को सदेह अपने सामने देखकर परिजनों और गांव वालों के होश उड़ गए। किसी को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था कि जिसे वे मृत मान चुके हैं, वह जिंदा उनके सामने खड़ा है। कमल ने बताया कि पारिवारिक विवाद के कारण वह लंबे समय से घर से दूर था। इस दौरान पानीपत में मजदूरी करते समय एक दुर्घटना में उनका पैर टूट गया था, जिस वजह से वह घर वालों से संपर्क नहीं कर सके और न ही घर लौट पाए।

मलबे में मिला था अज्ञात शव

यह सारा भ्रम तब पैदा हुआ जब 18 जुलाई, शनिवार को भीखेपुर गांव के पास हाईवे किनारे एक जर्जर और अवैध होटल के मलबे में किसी अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। बकरी चराने गए स्थानीय लोगों ने जब वहां से दुर्गंध महसूस की, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब शव को देखा, तो वह काफी पुरानी अवस्था में था और उससे कीड़े भी निकल रहे थे। मृतक ने मेहरून रंग की शर्ट और नीले रंग का लोअर पहन रखा था। उसकी कलाई पर एक ब्रेसलेट था और गले में तौलिया लिपटा हुआ था। चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे आशंका जताई गई थी कि हत्या करने के बाद शव को वहां फेंका गया है। पहचान के लिए पुलिस ने शव को 72 घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखवाया था।

गलत पहचान और अंतिम संस्कार

सैदपुर निवासी दशरथ सिंह ने दावा किया था कि उनका भाई कमल 25 जून से लापता है और उसका फोन भी बंद आ रहा है। पुलिस द्वारा दिखाए गए शव को दशरथ ने अपने भाई कमल के रूप में पहचान लिया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और दशरथ ने उसी दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि, दशरथ ने इस मामले में पुलिस को कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी थी, लेकिन गांव में कमल की पत्नी को लेकर चर्चाओं का दौर गर्म था। शनिवार की शाम जब परिवार शुद्धि संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर रहा था, तभी कमल के घर पहुंचने से हड़कंप मच गया। खुद का अंतिम संस्कार होता देख कमल भी पूरी तरह हैरान रह गया।

पुलिस की नई चुनौती

कमल के जीवित मिलने की खबर आग की तरह फैल गई और स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस ने कमल को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया, जहां उनकी ससुराल के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच गए। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कमल जीवित है, तो जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया वह आखिर किसका था? अजीतमल के पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज गंगवार ने बताया कि मामले की दोबारा से गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस कमल सिंह से पूछताछ कर रही है और अज्ञात शव की असल पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी वैधानिक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की असलियत सामने आ पाएगी।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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