अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई कब? जानें तारीख और दफन की जगह विश्व एक घंटा पहले 3
ईरानी अधिकारियों ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के विदाई समारोह, जुलूस और अंतिम संस्कार की तारीखों का ऐलान कर दिया है। उनके शव को मशहद के इमाम रज़ा के पवित्र तीर्थस्थल में दफनाया जाएगा।

ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध अब भी थमा नहीं है। दोनों पक्षों की ओर से हवाई हमले लगातार हो रहे हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कई महीनों से बंद रखा गया है। हालांकि माना जा रहा है कि आज दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता पर अंतिम मुहर लग सकती है, जिससे लंबे समय से चले आ रहे इस संघर्ष के खत्म होने की उम्मीद है। इसी बीच ईरानी अधिकारियों ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के विदाई समारोह, जुलूस और अंतिम संस्कार की तारीखें सार्वजनिक कर दी हैं।

शव को मशहद के इमाम रज़ा तीर्थस्थल में दिया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, दिवंगत खामेनेई के लिए अंतिम विदाई समारोह 4 और 5 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी प्रार्थना स्थल पर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 6 जुलाई को तेहरान में एक जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में तथा 9 जुलाई को मशहद में समारोह होंगे। अयातुल्ला अली खामेनेई के शव को आखिरकार मशहद स्थित इमाम रज़ा के पवित्र तीर्थस्थल में दफनाया जाएगा।

अमेरिकी-इजरायली हमले में हुई थी मौत

उल्लेखनीय है कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। ईरान पर हुए संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में खामेनेई के साथ-साथ कई अन्य बड़े ईरानी नेता भी मारे गए थे। खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया।

युद्ध में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि

दूसरी ओर ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने पिछले साल हुए 12 दिवसीय युद्ध की बरसी पर इसमें मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका और इजरायल के दबाव का लगातार विरोध करते रहने का संकल्प भी दोहराया।

नागरिकों और बच्चों को बनाया गया निशाना

ईरान और अमेरिका-इजरायल संघर्ष की शुरुआत का एक साल पूरा होने के मौके पर संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने युद्ध के दौरान अमेरिका और इजरायल पर आम नागरिकों तथा बच्चों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'इजरायली और अमेरिकी शासनों द्वारा हमारे चिरस्थायी घर ईरान पर किए गए आपराधिक हमलों के पहले दौर की शुरुआत को एक साल बीत चुका है। उन्होंने निर्दोष बच्चों की हत्या की और किसी भी अपराध या क्रूरता से परहेज नहीं किया।'

ग़ालिबफ़ ने आगे कहा कि देश 'गौरव के अंत तक' और 'अंतिम विजय' तक दृढ़ संकल्पित बना रहेगा। उन्होंने कहा, '12 दिवसीय युद्ध के वीर और पीड़ित शहीदों से प्रेरित होकर, हम अपने प्यारे ईरान की शान और अंतिम विजय के लिए अंत तक दृढ़ संकल्पित रहेंगे।'

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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