उपनाम: आयुर्वेद
मटर के दाने जितना नन्हा पौधा, फायदे बड़े-बड़े! मकोय के औषधीय गुण जान चौंक जाएंगे आप
ग्रामीण इलाकों में आसानी से उगने वाला मकोय आयुर्वेद में बेहद उपयोगी माना जाता है। जानकारों के मुताबिक इसके पत्ते, फल और जड़ लीवर, पाचन और त्वचा से जुड़ी दिक्कतों में सहायक हैं, पर इसका औषधीय सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए।
बारिश में उगने वाला यह औषधीय पौधा है सेहत का खजाना, जानें ट्रायनथेमा पोर्टुलाकैस्ट्रम के फायदे और सेवन का तरीका
उत्तर प्रदेश समेत कई ग्रामीण इलाकों में बरसात के मौसम में पनपने वाला ट्रायनथेमा पोर्टुलाकैस्ट्रम पारंपरिक रूप से कई स्वास्थ्य समस्याओं के घरेलू उपचार में इस्तेमाल होता आया है। हालांकि जानकार इसे सावधानी और उचित सलाह के साथ ही लेने की सलाह देते हैं।
दूध से बच्चों का पाचन भी हो रहा कमजोर, बाबा रामदेव से जानिए कैसे बढ़ाएं डाइजेशन की ताकत
एक नई रिपोर्ट के मुताबिक दूध पीने से अब बच्चों में भी अपच, कब्ज और डायरिया की शिकायतें बढ़ रही हैं। जानिए बाबा रामदेव के बताए उपाय जिनसे बच्चे और बड़े दोनों अपना हाजमा मजबूत कर सकते हैं।
जीभ पर रखते ही दौड़े करंट जैसा कसैलापन, फिर भी सेहत के लिए वरदान! पलामू में तैयार हुआ खास आंवला सत्व
पलामू के शिव कुमार पांडे ने आंवला से बेहद कसैला सत्व तैयार किया है, जिसे चरक संहिता से प्रेरणा लेकर छह महीने की प्रक्रिया से बनाया जाता है। उनका दावा है कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी है और इसकी 50 ग्राम की डिब्बी की कीमत 500 रुपये है।
कदम का फल: स्वाद और सेहत का खजाना, पेट की दिक्कतों में आयुर्वेद मानता है खास
कदम का फल अपने औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में विशेष माना जाता है और संतुलित आहार के साथ इसका सेवन सेहत, खासकर पेट की समस्याओं में लाभकारी हो सकता है।
पलामू में तैयार हो रहा दालचीनी का घी, शतसिद्ध विधि से दो महीने में बनकर तैयार, जोड़ों के दर्द और दमा में असरदार
पलामू जिले में आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे पारंपरिक और प्राकृतिक विधि से 'दालचीनी का घी' तैयार कर रहे हैं, जिसे जोड़ों के दर्द और दमा जैसी परेशानियों में लाभकारी बताया जा रहा है।
एक मिनट में तैयार, स्वाद में कोल्ड-ड्रिंक को भी मात! बघेलखंड का यह देसी बेल शरबत बना सबकी पसंद, पेट से लेकर कोलेस्ट्रॉल तक फायदे
बघेलखंड का पारंपरिक बेल शरबत पूरी तरह केमिकल-फ्री और 100% प्राकृतिक है, जिसे बनाने में सिर्फ एक मिनट लगता है। यह देसी पेय पाचन सुधारने से लेकर कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने तक कई फायदे देता है।
गर्मियों का खजाना है फालसा: खून की कमी दूर करने से लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक अनेक लाभ
अरावली और माउंट आबू की पहाड़ियों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला खट्टा-मीठा जंगली फल फालसा शरीर को ठंडक देता है और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। आयरन और विटामिन-सी से भरपूर यह फल लू, डिहाइड्रेशन और खून की कमी से बचाव में सहायक है।
भोजन के फौरन बाद पानी—फायदेमंद या हानिकारक? जानिए आयुर्वेद का नजरिया
खाने के तुरंत बाद पानी पीने को लेकर लोगों में कई भ्रांतियां हैं। आयुर्वेद के मुताबिक भोजन के तुरंत बाद ज्यादा पानी पाचन को कमजोर कर सकता है, इसलिए सही समय और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
जंगल में उगने वाली भटकटैया है गुणों का खजाना, जोड़ों के दर्द से लेकर पथरी तक में राहत
बुंदेलखंड की बंजर जमीन पर पनपने वाली भटकटैया, जिसे आयुर्वेद में कंटकारी कहा जाता है, जोड़ों के दर्द, पेट की तकलीफ, दांत दर्द और मूत्राशय की पथरी जैसी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है।