यूरिक एसिड की समस्या में कौन सी दालें हैं फायदेमंद और किनसे करना चाहिए परहेज? स्वास्थ्य एक घंटा पहले 2
यूरिक एसिड के बढ़ते स्तर के कारण जोड़ों में तेज दर्द की समस्या हो सकती है। ऐसे में डाइट में सही दालों का चयन करना बेहद जरूरी है, ताकि दर्द और परेशानी को नियंत्रित किया जा सके।

यूरिक एसिड में खान-पान का महत्व

यूरिक एसिड का नाम सुनते ही बहुत से लोग इसे मामूली समस्या समझ लेते हैं, लेकिन इसके मरीज जानते हैं कि यह शरीर के लिए कितना कष्टकारी हो सकता है। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अनियंत्रित हो जाती है, तो घुटनों, एड़ियों, टखनों और हाथों की उंगलियों में तेज दर्द होने लगता है। शरीर में यूरिक एसिड का निर्माण हम जो भोजन करते हैं, उसी से होता है। विशेष रूप से हाई प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन इस समस्या को और गंभीर बना सकता है।

कौन सी दालें हैं सुरक्षित?

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, यूरिक एसिड के मरीजों के लिए मूंग की दाल सबसे बेहतर विकल्प मानी जाती है। यह दाल अन्य दालों की अपेक्षा काफी हल्की होती है और आसानी से पच जाती है। इसमें प्यूरीन की मात्रा काफी कम होती है, जिससे यूरिक एसिड के स्तर के अचानक बढ़ने का जोखिम न्यूनतम हो जाता है। बेहतर पाचन के लिए मूंग दाल को पकाने से पहले 1 से 2 घंटे तक भिगोना फायदेमंद रहता है। इसके अलावा, लाल मसूर की दाल का सेवन भी सीमित मात्रा में किया जा सकता है, क्योंकि इसमें प्यूरीन का स्तर मध्यम होता है। दाल पकाते समय यह ध्यान रखें कि वह अच्छी तरह गल गई हो और उसमें हल्का तड़का लगाया गया हो।

इन दालों से बनाएं दूरी

यदि आप हाई यूरिक एसिड से जूझ रहे हैं, तो अधिक प्यूरीन वाली दालों और बीन्स से परहेज करना ही बुद्धिमानी है। मुख्य रूप से इन चीजों से बचना चाहिए:

  • चना दाल
  • अरहर दाल
  • मटर की दाल
  • राजमा
  • छोले
  • काले चने

इन चीजों में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में यूरिक एसिड की समस्या को तेजी से बढ़ा सकती है और जोड़ों का दर्द और अधिक बढ़ सकता है।

यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के अन्य तरीके

शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को मैनेज करने के लिए अपनी जीवनशैली और खान-पान में कुछ बदलाव लाना आवश्यक है:

  • पानी का भरपूर सेवन: दिन भर में खूब पानी पिएं ताकि विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकलते रहें।
  • परहेज: पालक, टमाटर, बीज वाली सब्जियां, फलियां, तला-भुना खाना, शराब और मांसाहार का सेवन कम करें।
  • मिठास से बचें: अत्यधिक मीठे पेय पदार्थ और मिठाइयों से दूरी बनाएं।
  • सही विकल्प: भोजन में क्विनोआ और चावल को प्राथमिकता दें, जो पाचन के लिए काफी अच्छे होते हैं।
  • दिनचर्या: सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीने की आदत डालें और नियमित रूप से व्यायाम करें।
डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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