विटामिन B12 सप्लीमेंट्स का असर क्यों नहीं दिखता, डॉक्टर ने बताए ये प्रमुख कारण स्वास्थ्य एक दिन पहले 9
अक्सर लोग विटामिन B12 की कमी दूर करने के लिए सप्लीमेंट्स लेते हैं, लेकिन शरीर में इनका स्तर नहीं सुधरता। इसके पीछे जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़ी कई अहम वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं।

विटामिन B12 का स्तर न बढ़ने के पीछे छिपे कारण

शरीर में विटामिन B12 की कमी होने पर अक्सर लोग डॉक्टरी सलाह पर सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। हालांकि, कई बार इन सप्लीमेंट्स का सेवन करने के बाद भी शरीर में इसका स्तर सामान्य नहीं हो पाता। इसके पीछे कई स्वास्थ्य संबंधी और जीवनशैली से जुड़े कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। आइए जानते हैं वे कौन सी मुख्य वजहें हैं जो विटामिन B12 के अवशोषण में बाधा डालती हैं।

खानपान और जीवनशैली का असर

  • भोजन को अत्यधिक पकाना: विटामिन B12 पानी में घुलनशील होता है। यदि आप इससे भरपूर खाद्य पदार्थों को बहुत अधिक तापमान पर या लंबे समय तक पकाते हैं, तो विटामिन की मात्रा नष्ट हो सकती है। भोजन को जरूरत से ज्यादा पकाने की आदत इसे शरीर के लिए कम प्रभावशाली बना देती है।
  • मोटापा और मेटाबॉलिज्म: शरीर में बढ़ा हुआ मोटापा और लगातार रहने वाली सूजन मेटाबॉलिज्म को सुस्त कर देती है। यह सूजन कोशिकाओं की कार्यप्रणाली को बदल देती है, जिससे शरीर द्वारा विटामिन B12 को सोखने और स्टोर करने की क्षमता प्रभावित होती है।
  • मधुमेह की दवाइयां: डायबिटीज के उपचार में इस्तेमाल होने वाली मेटफॉर्मिन जैसी दवाएं यदि लंबे समय तक ली जाएं, तो ये विटामिन B12 के अवशोषण को धीमा कर सकती हैं। ऐसे में लंबे समय से शुगर की दवा लेने वालों को बीच-बीच में B12 की जांच करवाते रहना चाहिए।
  • पाचन संबंधी विकार: विटामिन B12 के सही अवशोषण के लिए पाचन तंत्र का सुचारू होना अनिवार्य है। यदि किसी को गैस्ट्राइटिस या आंतों में सूजन जैसी समस्याएं हैं, तो उनका शरीर सप्लीमेंट से विटामिन को ठीक से नहीं ले पाता। ऐसे मामलों में केवल सप्लीमेंट लेना काफी नहीं है, बल्कि पेट की समस्याओं का इलाज करना भी जरूरी है।
  • शराब का अधिक सेवन: अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन आंतों और पेट की परत को नुकसान पहुंचाता है। यह स्थिति शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों को सोखने की प्रक्रिया को बाधित करती है, जिससे शरीर में B12 की भारी कमी हो सकती है।

हृदय रोगियों के लिए विशेष सलाह

हृदय स्वास्थ्य को लेकर अक्सर लोग भ्रमित रहते हैं कि साबूदाना जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन उनके लिए सही है या नहीं। कार्डियोलॉजिस्ट बिमल छाजेर ने इस विषय पर स्पष्ट किया है कि आहार चयन को लेकर हमेशा विशेषज्ञों की सलाह लेना ही सबसे उचित रहता है, ताकि किसी भी तरह के विपरीत प्रभाव से बचा जा सके।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप