जॉर्ज कुरियन ने मोदी कैबिनेट से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति मुर्मू ने तत्काल मंजूर किया फैसला राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 2
केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री की भूमिका निभा रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री की सलाह के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत यह प्रक्रिया पूरी की गई है। इस फैसले के साथ ही अब कुरियन केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहे हैं।

कौन हैं जॉर्ज कुरियन?

जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले के एट्टुमानूर में हुआ था। 65 वर्षीय कुरियन भारतीय जनता पार्टी के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, जो वर्ष 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से ही संगठन के साथ मजबूती से जुड़े रहे हैं। उन्होंने केरल में भाजपा को आधार देने और उसे विस्तार देने के लिए लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई है। संगठन के भीतर उनके काम को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

मंत्री पद से इस्तीफे की असली वजह

जॉर्ज कुरियन को अगस्त 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। उन्हें अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन मंत्रालय में राज्य मंत्री (MoS) का जिम्मा दिया गया था। उनके इस्तीफे के मुख्य कारणों में शामिल हैं:

  • राज्यसभा सदस्यता का अंत: कुरियन राज्यसभा सदस्य के रूप में मंत्री पद पर थे, लेकिन अब उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है। संवैधानिक नियमों के मुताबिक, मंत्री पद पर बने रहने के लिए संसद के किसी एक सदन का सदस्य होना अनिवार्य है।
  • दोबारा नामांकन नहीं: उन्हें इस बार राज्यसभा के लिए फिर से नामित नहीं किया गया, जिसके चलते उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

आगे क्या होगा?

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि हालिया केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिसका असर भी संगठन की कार्यप्रणाली पर देखा जा सकता है। फिलहाल, उनके पास मौजूद विभागों की जिम्मेदारी अन्य मंत्रियों को दी जा सकती है। भविष्य में मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल या नए चेहरों को शामिल किए जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!