फैटी लिवर को सामान्य स्थिति में लाने के लिए अपनाएं ये असरदार जीवनशैली बदलाव स्वास्थ्य 3 घंटे पहले 5
लिवर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने की समस्या को सही खानपान और आदतों के जरिए काफी हद तक सुधारा जा सकता है। एम्स की डॉक्टर प्रियंका सहरावत ने इसे रिवर्स करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

फैटी लिवर से निपटने के प्रभावी उपाय

जब हमारे लिवर में आवश्यकता से अधिक वसा या फैट जमा होने लगता है, तो इस अवस्था को फैटी लिवर के नाम से जाना जाता है। हालांकि यह एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है, लेकिन अच्छी बात यह है कि अपनी दिनचर्या और आदतों में सकारात्मक बदलाव लाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। एम्स की डॉक्टर प्रियंका सहरावत का मानना है कि यदि बीमारी शुरुआती चरण में है, तो जीवनशैली में अनुशासन लाकर लिवर की स्थिति को काफी हद तक सुधारा जा सकता है।

स्वास्थ्य सुधार के लिए प्रमुख जीवनशैली आदतें

  • संतुलित आहार का चुनाव: अपने दैनिक भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन को प्राथमिकता दें। अत्यधिक तला भुना भोजन और संतृप्त वसा युक्त चीजों से पूरी तरह परहेज करें। साथ ही, मीठे पेय पदार्थों और चीनी की अधिक मात्रा वाली चीजों का सेवन न्यूनतम रखने का प्रयास करें।
  • नियमित शारीरिक सक्रियता: फैटी लिवर की स्थिति में शारीरिक मेहनत बहुत लाभकारी सिद्ध होती है। अपने दैनिक रूटीन में रोजाना तेज गति से चलना, साइकिलिंग करना, तैराकी या अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार अन्य व्यायाम शामिल करें। लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने की आदत से बचें।
  • वजन प्रबंधन: यदि आपका वजन सामान्य से अधिक है, तो उसे धीरे धीरे और स्थायी तरीके से कम करने का प्रयास करें। यह लिवर में जमी चर्बी को घटाने में मददगार साबित होता है। बहुत तेजी से वजन घटाने वाली क्रैश डाइट के स्थान पर संतुलित आहार और नियमित व्यायाम पर ध्यान देना ज्यादा सुरक्षित और असरदार होता है।
  • अल्ट्रा प्रोसेस्ड और मीठे खाद्य पदार्थों से दूरी: कोल्ड ड्रिंक, पैकेट बंद जूस, मिठाइयां, बिस्किट, केक और पेस्ट्री जैसी चीजें लिवर के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। साथ ही ज्यादा कैलोरी वाले अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन भी कम करें।
  • शराब का सेवन बंद करें: शराब का सेवन लिवर पर अतिरिक्त दबाव बनाता है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो सकती है। यदि आप फैटी लिवर से जूझ रहे हैं, तो शराब को पूरी तरह छोड़ना ही बेहतर है और इस बारे में अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।
  • गुणवत्तापूर्ण नींद और तनाव प्रबंधन: नींद की कमी और मानसिक तनाव सीधे आपके मेटाबॉलिज्म और समग्र स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए रात में पर्याप्त और अच्छी नींद लें। तनाव को दूर रखने के लिए योगाभ्यास, मेडिटेशन या रिलैक्सेशन तकनीकों का सहारा लें।

डॉक्टर प्रियंका सहरावत स्पष्ट करती हैं कि फैटी लिवर जैसी समस्या को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। हमेशा अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें और समय समय पर जरूरी मेडिकल जांच करवाते रहें। सही खानपान, नियमित व्यायाम और अपने वजन को नियंत्रित रखकर आप अपने लिवर को स्वस्थ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा सकते हैं।

क्या फिजियोथेरेपी से मिलता है लाभ?

अध्ययनों के अनुसार, सही तरीके से की गई फिजियोथेरेपी न केवल शरीर के दर्द में राहत देती है, बल्कि यह बिना किसी दवा के हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकती है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप