पश्चिम बंगाल: एसटीएफ ने संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक और उसके साथी को किया गिरफ्तार, आईएसआई कनेक्शन की जांच शुरू पश्चिम बंगाल एक घंटा पहले 2
स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के फैसलाबाद निवासी एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिस पर आईएसआई के साथ संबंध रखने का शक है।

सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई

स्वतंत्रता दिवस के उत्सव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करते हुए राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारत-बांग्लादेश सीमा के समीप चलाए गए एक विशेष अभियान में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक व्यक्ति पाकिस्तान के फैसलाबाद का निवासी बताया जा रहा है, जिसकी संदिग्ध गतिविधियों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के साथ संबंधों को लेकर गहन पूछताछ और जांच शुरू कर दी गई है। एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि वह आखिर भारत कैसे पहुंचा और उसे फर्जी भारतीय पहचान पत्र किसने मुहैया कराए।

हाबरा में बिछाया गया जाल

अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसटीएफ ने मंगलवार की देर रात उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा इलाके से पाकिस्तानी नागरिक राणा रऊफ उर्फ वहाब आलम को दबोच लिया। खुफिया तंत्र से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर एसटीएफ की टीम ने बनगांव क्षेत्र के पास जाल बिछाया था। रऊफ को जेसोर रोड के पास से हिरासत में लिया गया। उसके पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं।

आईएसआई से संभावित संबंध

जांच के केंद्र में रऊफ के आईएसआई से जुड़े होने के गंभीर संकेत हैं। एसटीएफ की टीम यह पता लगा रही है कि भारत में उसके कौन-कौन से ठिकाने थे और किन लोगों के साथ वह लगातार संपर्क में था। सुरक्षा बल इस बिंदु पर भी गौर कर रहे हैं कि उसने फर्जी दस्तावेजों का प्रबंध कहां से किया और देश के भीतर रहकर वह किन गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था।

दूसरे आरोपी की भूमिका

इस पूरे मामले में मंगलवार को कोलकाता के टॉपसिया इलाके से एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह दूसरा व्यक्ति रऊफ का करीबी सहयोगी है। उसने न केवल रऊफ को भारत में रहने में मदद की, बल्कि उसके फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाने में भी मुख्य भूमिका निभाई थी। हालांकि सुरक्षा कारणों से इस दूसरे आरोपी का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

नेपाल के रास्ते अवैध घुसपैठ

प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि रऊफ वर्ष 2012 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। लंबे समय तक नेपाल में रुकने के बाद वह पश्चिम बंगाल में आकर रहने लगा। उसके पास से कई भारतीय दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनमें एक आधार कार्ड भी शामिल है, जिसमें टॉपसिया का पता दर्ज है। एसटीएफ यह भी जांच रही है कि वह बनगांव सीमा की ओर क्यों बढ़ रहा था और क्या उसका मकसद बांग्लादेश भागना था। फिलहाल एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं ये गिरफ्तारियां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किसी बड़ी साजिश को रोकने का हिस्सा तो नहीं हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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