पक्षियों के लिए दाना-पानी रखते हैं? इन बातों का रखें ध्यान, शनि और राहु-केतु के दोष से मिल सकती है राहत धर्म 14 घंटे पहले 3
तेज गर्मी में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना पुण्य का काम माना गया है। ज्योतिष के अनुसार सही दिशा और तरीके से ऐसा करने पर शनि, राहु और केतु से जुड़े कष्टों में कमी आ सकती है।

तपती गर्मी का मौसम सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों और बाकी जीव-जंतुओं के लिए भी मुश्किल भरा होता है। ऐसे समय में उनके लिए पानी और भोजन का इंतजाम करना एक नेक और सराहनीय काम माना जाता है। सनातन धर्म में जीवों की सेवा को पुण्य देने वाला कर्म बताया गया है। वहीं ज्योतिष की मान्यता है कि बिना किसी स्वार्थ के पक्षियों की मदद करने से शनि, राहु और केतु से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है। हालांकि दाना-पानी रखते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। आइए जानते हैं कि पक्षियों की सेवा करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए।

दाना-पानी रखने की सही दिशा

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पक्षियों के लिए पानी और दाना उत्तर-पूर्व दिशा में, छत या बालकनी की किसी सुरक्षित जगह पर रखना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और जीवन में आने वाली अड़चनें कम होने लगती हैं।

ऐसी जगह से बचें

अक्सर लोग पानी का बर्तन ऐसी जगह रख देते हैं जहां दिनभर तेज धूप पड़ती रहती है। इससे पानी गर्म हो जाता है और पक्षियों के काम का नहीं रह जाता। यही वजह है कि हमेशा छायादार और ठंडी जगह चुनना बेहतर माना जाता है।

साफ-सफाई का ध्यान

पक्षियों के लिए रखा गया पानी और दाना हमेशा ताजा होना चाहिए। गंदे बर्तन या बासी भोजन से उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए रोज सुबह और शाम पानी बदलना और बर्तन को साफ करना न भूलें।

मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल

धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं में मिट्टी के बर्तन सबसे उपयुक्त माने गए हैं। इनमें पानी काफी देर तक ठंडा बना रहता है, जिससे गर्मी में पक्षियों को राहत मिलती है। धातु के पात्र भी काम में लाए जा सकते हैं, लेकिन प्लास्टिक के बर्तनों का उपयोग करने से बचना चाहिए।

सुरक्षा भी है जरूरी

दाना-पानी ऐसी जगह रखें जहां बिल्लियों या दूसरे शिकारी जानवरों का खतरा न हो। साथ ही जरूरत से ज्यादा दाना न डालें, ताकि वह खराब न हो। पक्षियों को सुरक्षित और शांत माहौल देना भी उतना ही जरूरी माना जाता है।

ज्योतिष क्या कहता है?

ज्योतिष शास्त्र में पक्षियों और जीवों की सेवा को शुभ कर्म बताया गया है। मान्यता है कि कौआ, गौरैया और कबूतर जैसे पक्षियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने से शनि, राहु और केतु के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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