काशी में रेलवे ने ढहाई अजगैब शहीद की 200 साल पुरानी मजार, मस्जिद पर भी चला बुलडोजर उत्तर प्रदेश 8 घंटे पहले 3
वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन परिसर में बनी अजगैब शहीद मजार और मस्जिद को प्रशासन ने काशी मॉडल स्टेशन योजना के तहत ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान आधी रात को भारी पुलिस बल तैनात रहा।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन परिसर में बनी अजगैब शहीद मजार और उसके साथ बनी मस्जिद व मजार को प्रशासन ने ढहा दिया है। यह मस्जिद राजघाट स्थित काशी रेलवे स्टेशन परिसर में मौजूद थी। शहर के भदऊ चुंगी इलाके के किला कोहना क्षेत्र में अजगैब शहीद की मजार, मस्जिद और कब्रिस्तान स्थित है। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि इस मस्जिद का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है और इसे करीब 200 साल पुराना बताया जाता है।

क्या था पूरा विवाद

यह मजार, मस्जिद और इसके आसपास का इलाका रेलवे की जमीन पर बना हुआ था। साल 2024 में काशी मॉडल स्टेशन प्रोजेक्ट के दौरान इस अतिक्रमण का पता चला, जिसके बाद रेलवे ने जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया था। यह मामला करीब दो साल तक अदालत में विचाराधीन रहा और हाल ही में मजार व मस्जिद पक्ष को इस केस में हार का सामना करना पड़ा।

अवैध अतिक्रमण को लेकर वाराणसी रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे की जमीन पर बने मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान वाराणसी पुलिस के कई थानों की फोर्स के साथ रेलवे पुलिस बल भी तैनात रहा।

मस्जिद और मजार समेत सभी अतिक्रमण हटाए गए

वाराणसी के थाना आदमपुर क्षेत्र में राजघाट के पास रेलवे के इस मैदान पर अतिक्रमण कर मस्जिद बनाई गई थी। काशी स्टेशन के विस्तारीकरण की योजना बनने पर रेलवे ने इस जमीन को खाली कराना शुरू किया, लेकिन तब तक यहां मस्जिद बड़े स्वरूप में बन चुकी थी। काम आगे बढ़ाने के लिए रेलवे ने मस्जिद को डेढ़ महीने पहले नोटिस दिया था।

मुतवल्ली की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर रेलवे प्रशासन ने यह कदम उठाया। मस्जिद के साथ-साथ इस जमीन पर मौजूद सभी अतिक्रमणों को ध्वस्त कर जमीन को समतल कर दिया गया।

रेलवे ने कई बार भेजा था नोटिस

कार्रवाई के दौरान आधे दर्जन से अधिक बुलडोजर लगाए गए थे, जो लगातार अतिक्रमण को गिराकर मलबा हटाने का काम कर रहे थे। जब इस जमीन की पैमाइश की गई थी, तभी इस अवैध मस्जिद का पता चला था, जिसके बाद रेलवे लगातार अतिक्रमण हटाने का नोटिस दे रहा था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब काशी स्टेशन की योजना तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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