उत्तर प्रदेश
4 घंटे पहले
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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में हत्या की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक की उसकी प्रेमिका और उसके पति ने मिलकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी। आरोप है कि युवक को ग्राइंडर से काटकर मौत के घाट उतारा गया और उसके शव को बोरे में भरकर दूसरे जिले के जंगल में ले जाकर जला दिया गया। इस मामले में मृतक के परिवार ने पुलिस पर तीन आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने सभी पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पूरा मामला क्या है
यह घटना थाना क्षेत्र के टिकरा गांव से जुड़ी है। यहां के रहने वाले इंद्रपाल निषाद के 20 वर्षीय बेटे विजय निषाद की हत्या हमीरपुर जिले के मनकी खुर्द गांव निवासी कामता ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर कर दी थी। युवक के हाथ-पैर काटकर बेहद बेरहमी से उसकी जान ली गई। पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए प्रेमिका और उसके पति को गिरफ्तार किया और दो दिन पहले दोनों को जेल भेज दिया। हालांकि मृतक विजय के परिजन पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए और बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए।
परिवार के आरोप
पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपते हुए मृतक विजय के पिता और भाई अजय ने बताया कि युवक 8 मई को लापता हो गया था। परिजनों ने 11 मई को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और पांच लोगों को नामजद किया था। इनमें आरोपी प्रेमिका किरन, उसका पति कामता तथा किरन के दो मामा और भाई शामिल थे। पिता का कहना है कि शिकायत में पांच लोगों के नाम दिए जाने के बावजूद पुलिस ने केवल किरन और कामता को ही गिरफ्तार किया।
परिवार का तर्क है कि कामता का पहले एक्सीडेंट हो चुका है, जिसके चलते उसके पैर में रॉड पड़ी हुई है, ऐसे में वह अकेले युवक की हत्या कर शव को दूर कैसे फेंक सकता है। साथ ही किरन भी छह माह की गर्भवती है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जिन लोगों के नाम हटा दिए हैं, वे सभी हत्या में शामिल हो सकते हैं, इसलिए जांच कर तीनों के नाम भी मुकदमे में दर्ज किए जाने चाहिए।
कैसे हुई युवक की हत्या
8 मई को थाना बकेवर क्षेत्र का निवासी विजय निषाद अपने घर से निकला था और इसके बाद वापस नहीं लौटा। 11 मई को परिजनों ने थाना बकेवर में गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच के दौरान आशंका जताई गई कि युवक किसी महिला या पुरुष के संपर्क में रहा हो सकता है, जिसने उसे बुलाकर उसके साथ कोई अप्रिय घटना को अंजाम दिया हो। विवेचना में मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन का गहराई से विश्लेषण किया गया, जिसमें हमीरपुर जिले की एक महिला से मृतक की लगातार बातचीत होने की बात सामने आई। मोबाइल लोकेशन के आधार पर मृतक की मोटरसाइकिल घाटमपुर, कानपुर क्षेत्र से बरामद की गई।
इन तथ्यों की जानकारी मिलने पर परिजनों ने थाना बकेवर में तहरीर देकर आरोप लगाया कि हमीरपुर निवासी कामता और उसकी पत्नी किरन देवी ने विजय निषाद को बुलाकर उसकी हत्या कर शव को छिपा दिया है। इस तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पूछताछ में पता चला कि 8 मई 2026 को विजय निषाद उनके घर पहुंचा था और पूर्व नियोजित योजना के तहत पति-पत्नी ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद कामता ने मृतक की मोटरसाइकिल किसी अन्य स्थान पर छोड़ दी तथा शव और मोबाइल फोन को कानपुर क्षेत्र के जंगल में ले जाकर जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया।
आरोपियों की निशानदेही पर संबंधित स्थानों से बरामद अवशेष, कपड़े और जूतों की पहचान मृतक के परिजनों ने की। परिजनों ने बरामद नरकंकाल और अन्य सामान को विजय निषाद का बताया है। अंतिम पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक और आरोपी किरन देवी के बीच पहले से प्रेम संबंध थे। करीब चार माह पहले तक कामता सूरत में काम करता था और इसी दौरान दोनों के बीच रिश्ता बना था। बाद में कामता के लौट आने के बाद भी मृतक महिला से संपर्क और मिलने का प्रयास करता रहा, जिससे नाराज होकर दोनों पति-पत्नी ने उसकी हत्या की योजना बना ली।
यूट्यूब देखकर रची हत्या की साजिश
विवेचना के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब पर यह खोजा था कि धारा 302 के तहत हत्या के मामलों में कितनी सजा हो सकती है, जेल में क्या व्यवस्था होती है, फांसी की सजा कब मिलती है और गर्भवती महिला आरोपियों के संबंध में क्या प्रावधान हैं। इसके अलावा हत्या के मामले में बचने के तरीकों को लेकर भी जानकारी खंगाली गई थी। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर पुलिस ने इस वारदात का सफल खुलासा किया।
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