महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर 2500 रुपये की वसूली, देर रात साढ़े बारह बजे के बाद दर्ज हुई FIR मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं से प्रति व्यक्ति 2500 रुपये तक अवैध रूप से वसूले जाने के मामले सामने आए हैं। मंदिर प्रशासक के औचक निरीक्षण के बाद रात करीब डेढ़ बजे महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती की व्यवस्था को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन की औचक जांच में पता चला कि श्रद्धालुओं को भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। शिकायत के मुताबिक कुछ श्रद्धालुओं से प्रति व्यक्ति 2500 रुपये तक की अतिरिक्त राशि ली गई।

यह गड़बड़ी उस समय उजागर हुई जब मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने देर रात अचानक भस्म आरती व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत कर प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी ली। इसी बीच कुछ भक्तों ने अवैध वसूली की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस तत्काल हरकत में आ गए।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर प्रशासन ने रात करीब डेढ़ बजे महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। प्रशासन का कहना है कि भस्म आरती जैसी महत्वपूर्ण धार्मिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

औचक निरीक्षण में उजागर हुई अवैध वसूली

मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने देर रात नीलकंठ द्वार और मानसरोवर मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भस्म आरती में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालुओं से बात कर व्यवस्थाओं की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि कुछ लोग आरती में प्रवेश दिलाने के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूल रहे थे।

श्रद्धालुओं के गंभीर आरोप

गेट नंबर-1 से प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं ने प्रशासन को बताया कि निर्धारित प्रक्रिया से हटकर उनसे प्रति व्यक्ति 2500 रुपये तक लिए गए। शिकायत मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर जानकारी जुटाई और पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार की।

रात में दर्ज हुई एफआईआर

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने देर रात महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर ली। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध वसूली में कौन-कौन लोग शामिल थे और यह नेटवर्क कब से सक्रिय था।

भस्म आरती व्यवस्था में होगा बदलाव

मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे से भस्म आरती के लिए नीलकंठ प्रवेश द्वार को ही अधिकृत प्रवेश मार्ग बनाया जाएगा। इससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो सकेगी।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सलाह

प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु केवल अधिकृत माध्यमों से ही भस्म आरती की अनुमति लें। किसी भी व्यक्ति को अतिरिक्त राशि न दें और किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत मंदिर प्रशासन या पुलिस को सूचित करें।

पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर

मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। साथ ही व्यवस्था की लगातार निगरानी हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस कार्रवाई को मंदिर में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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