उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
2
विचारों
दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच रोज़ाना आना-जाना करने वाले लाखों नौकरीपेशा और आम लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। कालिंदी कुंज चौक पर घंटों रेंगने वाले ट्रैफिक और भीषण जाम की समस्या अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस बेहद व्यस्त चौराहे का कायाकल्प करने के लिए दिल्ली के मशहूर 'एम्स फ्लाईओवर' की तर्ज पर एक आधुनिक और कारगर फॉर्मूला अपनाया है।
केंद्र सरकार ने इस महाप्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को हरी झंडी दे दी है। फ्लाईओवर बनने के बाद तीन राज्यों के करीब 6 लाख से अधिक वाहन चालक बिना किसी लालबत्ती या रुकावट के सरपट निकल सकेंगे।
कालिंदी कुंज का 'AIIMS मॉडल' और दो लूप का मास्टर प्लान
दरअसल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (DND-फरीदाबाद-सोहना कॉरिडोर) के चालू होने के बाद से कालिंदी कुंज रूट पर गाड़ियों का दबाव कई गुना बढ़ गया है। इसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए NHAI ने 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत दो विशेष फ्लाईओवर लूप बनाए जाएंगे, जो पूरे ट्रैफिक सिस्टम को पूरी तरह सिग्नल-फ्री कर देंगे।
पहला लूप (नोएडा से फरीदाबाद)
यह फ्लाईओवर नोएडा (ओखला बैराज रोड) की ओर से आने वाली गाड़ियों को बिना किसी चौराहे पर रुके सीधे फरीदाबाद और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की दिशा में मोड़ देगा। यानी नोएडा से आने वालों को बाएं मुड़ने के लिए बिल्कुल सीधा और नॉन-स्टॉप रास्ता मिल जाएगा।
दूसरा लूप (फरीदाबाद से नोएडा)
यह फ्लाईओवर फरीदाबाद और मुंबई एक्सप्रेसवे की तरफ से आने वाले भारी ट्रैफिक को बिना किसी बाधा के सीधे ओखला बैराज रोड से जोड़ते हुए नोएडा में प्रवेश दिलाएगा।
घंटों का सफर अब मिनटों में, जनता को क्या होगा फायदा
कालिंदी कुंज चौक बेहद पेचीदा जगह है। इसके एक तरफ से दिल्ली मेट्रो की लाइन गुजरती है, दूसरी तरफ आगरा नहर है और पास में ही यमुना नदी बहती है। यही वजह है कि विशेषज्ञों को इसका डिजाइन तैयार करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रोजेक्ट फाइनल होने से जनता को कई बड़े फायदे मिलेंगे।
- समय की भारी बचत: इस समय इस चौराहे को पार करने में लोगों को 1 से 1.5 घंटे तक का समय बर्बाद करना पड़ता है। नया फ्लाईओवर बनने के बाद यह दूरी चंद मिनटों में तय हो जाएगी, जिससे रोज़ाना 40 से 45 मिनट सीधे बचेंगे।
- तीन राज्यों को सीधा लाभ: इस रूट के सिग्नल-फ्री होने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) और हरियाणा (फरीदाबाद) के बीच कनेक्टिविटी बेहद मजबूत हो जाएगी।
- स्थानीय रास्ते भी होंगे चौड़े: निर्माण कार्य के दौरान नीचे के मौजूदा जंक्शन और लोकल सड़कों को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें और चौड़ा कर अपग्रेड किया जाएगा, ताकि शाहीन बाग (रोड नंबर 13), जसोला, बदरपुर बॉर्डर और मध्य दिल्ली आने-जाने वाले स्थानीय लोगों को भी सुगम रास्ता मिल सके।
जल्द शुरू होगा जमीन पर काम
NHAI के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस जगह की तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए दिल्ली और नोएडा की ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर आखिरी दौर की तैयारी चल रही है। सभी विभागों के बीच तालमेल पूरा होते ही धरातल पर निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
Comments
0 comment