दूध के पैकेट के नीले, हरे और नारंगी रंग का असली राज क्या है? जानें परिवार की सेहत के लिए कौन सा है सबसे सही जीवनशैली एक घंटा पहले 1
दूध के पैकेट पर दिखने वाले अलग-अलग रंग सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि उसमें मौजूद फैट और दूध के प्रकार को पहचानने का आसान संकेत हैं। जानिए नीले, हरे, नारंगी और गुलाबी पैकेट का मतलब और अपने परिवार के लिए सही चुनाव।

हर सुबह घर पहुंचने वाले दूध के पैकेट को देखकर क्या कभी आपके मन में यह सवाल आया कि इनके रंग अलग-अलग क्यों होते हैं? कोई पैकेट नीला होता है, कोई हरा, तो कोई चमकीले नारंगी या गुलाबी रंग का। ज्यादातर लोग इन रंगों को कंपनी का सामान्य डिजाइन मानकर इस पर ध्यान ही नहीं देते। लेकिन सच यह है कि इन रंगों के पीछे सेहत से जुड़ा एक बड़ा गणित छिपा होता है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के तहत दूध की पैकेजिंग और उसकी गुणवत्ता को लेकर सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। पैकेट का रंग भले ही कंपनियां खुद चुनती हों, लेकिन हमारे देश के डेयरी बाजार में ये रंग सिर्फ सजावट नहीं हैं, बल्कि दूध में मौजूद फैट और उसके प्रकार को पहचानने का एक बेहद आसान कोड बन चुके हैं। आइए समझते हैं कि इन रंगों का असली मतलब क्या है और आपके परिवार के लिए कौन सा दूध सबसे उपयुक्त रहेगा।

नीला पैकेट: टोनड मिल्क

अगर आपके घर में नीले रंग के पैकेट में दूध आता है, तो यह 'टोनड मिल्क' होता है। यह देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला और सबसे लोकप्रिय पैकेट है। इसमें फैट की मात्रा लगभग 0% होती है।

यह दूध उन लोगों के लिए बेहतरीन माना जाता है जो सामान्य डाइट पर हैं। यह न तो बहुत गाढ़ा होता है और न ही बहुत पतला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, रोजाना पीने और आम इस्तेमाल के लिए इसे सबसे सुरक्षित और हल्का विकल्प समझा जाता है।

हरा पैकेट: स्टैंडर्डाइज्ड मिल्क

हरे रंग के पैकेट में आने वाला दूध 'स्टैंडर्डाइज्ड मिल्क' कहलाता है। यह नीले पैकेट वाले दूध की तुलना में कुछ अधिक गाढ़ा और मलाईदार होता है। इसमें फैट की मात्रा लगभग 5% होती है।

अगर आपको सुबह की कड़क चाय या क्रीमी कॉफी पसंद है, तो हरे पैकेट का दूध आपके लिए परफेक्ट रहेगा। इसका स्वाद काफी रिच होता है और बढ़ते बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतों के लिए भी इसे बहुत अच्छा माना जाता है।

नारंगी पैकेट: फुल-क्रीम मिल्क

नारंगी या ऑरेंज रंग का पैकेट देखते ही समझ लीजिए कि यह 'फुल-क्रीम दूध' है। यह बाजार में मिलने वाला सबसे गाढ़ा और मलाईदार दूध होता है। इसमें फैट की मात्रा सबसे ज्यादा, यानी लगभग 0% होती है।

स्वाद में यह दूध बेहद लाजवाब और गाढ़ा होता है। अगर घर पर मलाईदार दही जमाना हो या रबड़ी, खीर, पायसम जैसी कोई भारतीय मिठाई बनानी हो, तो नारंगी पैकेट सबसे अच्छा नतीजा देता है। हालांकि, वजन घटाने की कोशिश में लगे लोगों को इसके अधिक सेवन से बचना चाहिए।

मैजेंटा या गुलाबी पैकेट: डबल-टोनड मिल्क

कुछ ब्रांड्स बाजार में गहरे गुलाबी या मैजेंटा रंग के पैकेट भी उतारते हैं, जो 'डबल-टोनड मिल्क' को दर्शाते हैं। इसमें फैट की मात्रा सबसे कम, केवल 5% के आसपास होती है।

यह उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं जो बेहद फिटनेस कॉन्शियस हैं, जिनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है या जो सख्त वेट-लॉस डाइट पर हैं। इसमें फैट भले कम हो, लेकिन कैल्शियम भरपूर मात्रा में मिलता है।

आपके परिवार के लिए कौन सा है सबसे अच्छा?

बढ़ते बच्चों के लिए: उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए फैट और प्रोटीन दोनों जरूरी होते हैं, इसलिए उनके लिए नारंगी (फुल-क्रीम) या हरा (स्टैंडर्डाइज्ड) पैकेट सबसे उपयुक्त रहता है।

फिटनेस पसंद लोगों और बुजुर्गों के लिए: जिन्हें वजन नियंत्रित रखना है या दिल की सेहत का ध्यान रखना है, उनके लिए गुलाबी (डबल-टोनड) या नीला (टोनड) पैकेट सबसे बेहतर विकल्प है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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