राजस्थान का छिपा हुआ स्वर्ग: मानसून में 'भील बेरी' झरने का अद्भुत नजारा जीवनशैली एक घंटा पहले 2
पाली और राजसमंद की सीमा पर बसा भील बेरी झरना मानसून के दौरान किसी जन्नत से कम नहीं लगता है। इसे लोग राजस्थान का दूध सागर भी कहते हैं।

मानसून में पर्यटकों की पहली पसंद

अगर आप इस बारिश के मौसम में राजस्थान के किसी ऐसे पर्यटन स्थल की तलाश कर रहे हैं जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हो, तो पाली जिले के पास स्थित भील बेरी झरना आपके लिए एक शानदार जगह हो सकती है। यह झरना पाली और राजसमंद जिले की सीमाओं के मिलन बिंदु पर स्थित है और अरावली पर्वतमालाओं के बीच बसा हुआ है।

चेन्नई एक्सप्रेस जैसा अहसास

इस झरने की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ऊंचाई है। भील बेरी झरना करीब 182 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। इसका मनमोहक दृश्य काफी हद तक फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस में दिखाए गए प्रसिद्ध दूध सागर झरने की याद दिलाता है। यही कारण है कि स्थानीय लोग इसे प्यार से राजस्थान का दूध सागर बुलाते हैं।

वन विभाग की विशेष पहल

इस पर्यटन स्थल की लोकप्रियता को देखते हुए वन विभाग द्वारा यहाँ विशेष टूर का आयोजन भी किया जाता है। बारिश के मौसम में प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह एक प्रमुख केंद्र बन जाता है। हर साल मानसून की शुरुआत के साथ ही यहाँ हजारों की संख्या में लोग इस अद्भुत नज़ारे का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!