गढ़वा का सतबहिनी झरना: गर्मी में तन को राहत और मन को सुकून देने वाला तीर्थ जीवनशैली 3 दिन पहले 8
झारखंड के गढ़वा जिले में स्थित सतबहिनी झरना प्राकृतिक ठंडक, खूबसूरत नजारों और धार्मिक आस्था का संगम है, जहां हर साल हजारों सैलानी गर्मी से राहत पाने पहुंचते हैं।

झारखंड में मानसून भले ही दस्तक दे चुका हो, लेकिन पलामू और गढ़वा के इलाके के लोग अब भी तेज गर्मी से जूझ रहे हैं। ऐसे मौसम में लोगों की तलाश ऐसी जगह की होती है, जहां प्राकृतिक शीतलता, मनोरंजन और आध्यात्मिक शांति—तीनों का अनुभव एक ही जगह पर मिल सके। गढ़वा जिले में बसा सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल ऐसी ही एक जगह है, जहां हर साल हजारों पर्यटक गर्मी से राहत और प्रकृति के सान्निध्य का आनंद लेने आते हैं।

कहां है यह झरना

गढ़वा जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कांडी प्रखंड में स्थित यह झरना अपनी मनोरम प्राकृतिक छटा के लिए जाना जाता है। लगभग 30 फीट की ऊंचाई से गिरती दूधिया जलधारा दूर से ही लोगों का ध्यान खींच लेती है। चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ी माहौल यहां आने वालों के मन में गहरा सुकून भर देता है।

ठंडे पानी में स्नान का आनंद

भीषण गर्मी के दिनों में झरने के शीतल जल में नहाने के लिए बड़ी तादाद में लोग यहां पहुंचते हैं। प्राकृतिक जलधारा के नीचे स्नान करने का अनुभव शरीर को पूरी तरह तरोताजा कर देता है। परिवार और दोस्तों के साथ आए लोग घंटों पानी में मस्ती करते हैं और गर्मी से राहत महसूस करते हैं।

आस्था से जुड़ी पौराणिक कथा

सतबहिनी झरना केवल एक प्राकृतिक स्थल नहीं, बल्कि एक अहम धार्मिक केंद्र भी है। स्थानीय मान्यता इसे सात बहनों की पौराणिक कथा से जोड़ती है। कहा जाता है कि यहां स्नान करने आई सात बहनें सती हो गई थीं, और इसके बाद उनकी स्मृति में इस स्थान पर पूजा-अर्चना की परंपरा शुरू हुई।

बार-बार खींच लाती है यहां की खूबसूरती

यहां आने वाले पर्यटकों का कहना है कि झरने की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक वातावरण उन्हें बार-बार लौटने के लिए प्रेरित करता है। कई लोग हर साल अपने परिवार के साथ घूमने और स्नान का लुत्फ उठाने यहां पहुंचते हैं।

तीन सौ साल से अधिक पुराना इतिहास

इस तीर्थ स्थल का इतिहास 300 वर्षों से भी अधिक पुराना माना जाता है। परिसर में स्थित श्याम बाबा का समाधि स्थल श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण है। यहां आने वाले भक्त झरने में स्नान के बाद मंदिर में पूजा-अर्चना भी करते हैं।

कैसे पहुंचें

गढ़वा से कांडी मार्ग होते हुए यह स्थल करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर है, जबकि पलामू से इसकी दूरी लगभग 70 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है और बस, ऑटो तथा निजी वाहन की सुविधा उपलब्ध है। अगर आप इस गर्मी में ठंडे पानी में स्नान, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक शांति का एक साथ अनुभव लेना चाहते हैं, तो सतबहिनी झरना आपके लिए बेहतरीन पर्यटन स्थल साबित हो सकता है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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