मानसून में जादुई हो उठता है मिर्जापुर, यहां छिपे हैं प्रकृति के 5 अनमोल झरने जीवनशैली एक घंटा पहले 3
विंध्य की पहाड़ियों से घिरा मिर्जापुर कालीन और मां विंध्यवासिनी धाम के साथ-साथ अपने खूबसूरत झरनों के लिए भी जाना जाता है। मानसून में यहां के पांच वाटरफॉल का नजारा किसी जन्नत से कम नहीं लगता।

विंध्य पर्वत की हरी-भरी पहाड़ियों के बीच बसा मिर्जापुर सिर्फ कालीन उद्योग और मां विंध्यवासिनी धाम के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि अपने मनमोहक झरनों के कारण भी सैलानियों को अपनी ओर खींचता है। बारिश के मौसम में यहां की वादियां और झरने स्वर्ग जैसा अनुभव कराते हैं। अगर आप मिर्जापुर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इन पांच झरनों को अपनी सूची में जरूर रखें, वरना आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी।

मानसून में क्यों खास है मिर्जापुर

बरसात के दिनों में मिर्जापुर आने वाले पर्यटकों को इन झरनों की सैर जरूर करनी चाहिए। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और गिरते पानी की कलकल आवाज मन को मोह लेती है और देखने वाला कुछ पलों के लिए सब कुछ भूल जाता है। शहर के ये पांच प्रसिद्ध झरने अपने आप में अनोखे हैं और इनका नजारा अलौकिक तथा दिव्य प्रतीत होता है।

विंढमफॉल

मिर्जापुर के नजदीक स्थित विंढमफॉल एक बेहद खास झरना है। इसका नाम मिर्जापुर के पहले डीएम के नाम पर रखा गया है। जलक्रीड़ा के शौकीनों के लिए यह बेहतरीन जगह है, जहां बड़ी संख्या में लोग आकर पानी का आनंद उठाते हैं। बारिश के दिनों में यहां का दृश्य और भी मनोरम हो जाता है।

खड़ंजाफॉल

मिर्जापुर शहर के पास मौजूद खड़ंजाफॉल स्नान और पिकनिक के लिए बेहद उपयुक्त स्थान है। यहां खतरा न के बराबर रहता है। पहाड़ियों और जंगलों से घिरा यह झरना शहर से सबसे नजदीक और काफी लोकप्रिय है, इसलिए यहां घूमना बिल्कुल न छोड़ें।

टांडाफॉल

मिर्जापुर से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टांडाफॉल में गिरते पानी की आवाज सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। 100 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी देखकर सारी थकान दूर हो जाती है। बारिश के मौसम में यहां का नजारा देखने लायक होता है और पर्यटक बस इसकी तारीफ करते नहीं थकते।

सिद्धनाथ की दरी

मिर्जापुर जिले के सत्तेशगढ़ में स्थित सिद्धनाथ की दरी सबसे सुंदर झरनों में से एक मानी जाती है। यहां पानी कई किलोमीटर दूर से आकर पहाड़ियों से टकराते हुए नीचे गिरता है। पहाड़ियों से टकराने के बाद पानी की आवाज इतनी मधुर हो जाती है कि सुनने वाला मुग्ध हो जाता है। यह झरना भी बेहद दिव्य स्थल है।

लखनिया दरी

मिर्जापुर-वाराणसी सीमा पर स्थित लखनिया दरी एक बेहद खास झरना है, जहां दूर-दूर से लोग घूमने आते हैं। यहां जलक्रीड़ा के साथ-साथ पिकनिक के लिए भी पर्याप्त जगह मौजूद है। पहाड़ियों से गिरते इस झरने पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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