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एक घंटा पहले
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गर्मी जैसे-जैसे तेज होती है, लोग ठंडक और सुकून देने वाली जगहों की तलाश में निकल पड़ते हैं। ऐसे मौसम में पलामू के घने जंगलों में छिपे प्राकृतिक स्थल सैलानियों को सहज ही अपनी ओर खींच लेते हैं। फिलहाल भले ही गर्मी अपने चरम पर हो, लेकिन बरसात की पहली बूंदों के साथ ही जिले के कई प्राकृतिक ठिकाने दोबारा जीवंत हो उठते हैं। इन्हीं में से एक है पाटन प्रखंड के बिझैरा जंगल के बीचों-बीच बहने वाला घघरिया जलप्रपात, जो बारिश के बाद पूरे शबाब पर रहता है, जबकि गर्मी के दिनों में भी इसका अपना अलग ही आकर्षण बना रहता है।
मानसून में पूरी तरह बदल जाता है रूप
मानसून की पहली बारिश पड़ते ही घघरिया जलप्रपात का स्वरूप एकदम बदल जाता है। गर्मी के मौसम में जहां यह इलाका अपेक्षाकृत शांत और ठहरा हुआ दिखता है, वहीं बरसात के बाद यहां पानी की कल-कल बहती धारा, चारों ओर फैली हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता हर किसी का मन मोह लेती है। आसपास फैले घने जंगल और पहाड़ी वातावरण इस जगह को और भी मनमोहक बना देते हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर
घघरिया जलप्रपात पलामू जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर पाटन प्रखंड के बिझैरा जंगल में स्थित है। स्थानीय लोग इसे मिनी वॉटरफॉल के नाम से भी पुकारते हैं। झारखंड में मानसून की दस्तक हो चुकी है और यहां का शांत वातावरण प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
साल में सिर्फ छह महीने रहती है रौनक
स्थानीय लोगों के मुताबिक यह जलप्रपात और इसके पास बनी प्राकृतिक झील साल में महज छह महीने तक ही टिकती है। बारिश की शुरुआत के साथ यहां पानी का बहाव तेज होता जाता है और जनवरी तक इसकी खूबसूरती बनी रहती है। इसके बाद धीरे-धीरे जलस्तर घटने लगता है।
सोशल मीडिया से मिली नई पहचान
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया ने इस जगह को नई पहचान दिलाई है। यहां पहुंचने वाले पर्यटक अपने वीडियो और तस्वीरें साझा करते हैं, जिससे दूर-दराज के लोगों तक इसकी सुंदरता पहुंच रही है। यही कारण है कि अब यहां आने वाले सैलानियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
पाटन प्रखंड के किशुनपुर से घूमने आए लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर इस जलप्रपात के वीडियो देखे थे। वीडियो देखने के बाद उन्होंने यहां आने का मन बनाया और दोस्तों के साथ पहुंचे। उनके अनुसार असली नजारा वीडियो से कहीं ज्यादा सुंदर और मनमोहक है।
पिकनिक के लिए बनता जा रहा पहली पसंद
जब पानी का बहाव संतुलित हो जाता है, तब बड़ी संख्या में लोग यहां नहाने, घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ वक्त बिताने के लिहाज से यह जगह लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। ऊपर से दूधिया रंग में बहती जलधारा मन को और मोहित कर देती है।
सुविधाएं विकसित हों तो बढ़ेगी पहचान
स्थानीय निवासी रणधीर कुमार का कहना है कि अगर सरकार इस इलाके में बुनियादी सुविधाएं विकसित करे, तो घघरिया जलप्रपात सिर्फ पलामू ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है। सड़क, सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार से यहां रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और इस क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बन सकेगी।
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