जैसलमेर की ये 7 जगहें न देखीं तो अधूरी रहेगी रेगिस्तान की सैर, जानें क्यों हैं खास जीवनशैली 2 घंटे पहले 2
इतिहास, आस्था और रोमांच का संगम जैसलमेर देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित करता है। सोनार किले से लेकर सम के धोरों और तनोट माता मंदिर तक, यहां की सात प्रमुख जगहें हर यात्रा को यादगार बना देती हैं।

राजस्थान का जैसलमेर एक ऐसा पर्यटन शहर है, जहां इतिहास, धार्मिक आस्था और रेगिस्तानी रोमांच एक ही जगह पर महसूस किए जा सकते हैं। यही वजह है कि यह शहर देश और विदेश से आने वाले यात्रियों की पसंदीदा मंजिलों में शामिल है। यहां की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरें और प्राकृतिक नजारे हर सैलानी को एक अलग ही अनुभव देते हैं।

किले और हवेलियों की भव्यता

सोनार किले की शानदार बनावट और उसकी भव्यता पर्यटकों को बरबस अपनी ओर खींच लेती है। वहीं पटवों की हवेली की बारीक नक्काशी जैसलमेर की पुरानी स्थापत्य कला और कारीगरी की मिसाल पेश करती है।

रेगिस्तानी रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता

सम के धोरों पर मिलने वाला रेगिस्तानी रोमांच यात्रा का सबसे खास हिस्सा माना जाता है। इसके साथ ही गड़ीसर झील की खूबसूरती सैलानियों को सुकून भरे पल बिताने का मौका देती है।

रहस्य और आस्था के केंद्र

कुलधरा गांव अपने रहस्य के कारण पर्यटकों के बीच खासा चर्चित है और लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बना रहता है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से तनोट माता मंदिर और लोद्रवा जैन मंदिर प्रमुख केंद्र हैं, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

हर यात्रा को यादगार बनाती है यह सैर

इन सातों स्थलों की सैर के बिना जैसलमेर की यात्रा अधूरी मानी जाती है। इतिहास, आस्था और रोमांच का यह अनूठा मेल ही जैसलमेर को बाकी पर्यटन स्थलों से अलग पहचान देता है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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