बालकनी में भी आसानी से उगाएं मोरिंगा, बस एक गहरा गमला और भरपूर धूप काफी है जीवनशैली 3 महीने पहले 51
बड़े बगीचे के बिना भी मोरिंगा यानी सहजन को घर की बालकनी में उगाया जा सकता है। गहरा गमला, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और पर्याप्त धूप के साथ कुछ ही महीनों में ताजी पत्तियां और बाद में फलियां मिल सकती हैं।

मोरिंगा यानी सहजन का पेड़ अब केवल गांवों या बड़े बगीचों तक सीमित नहीं रहा। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते अब शहरी परिवार भी इसे अपने घरों की बालकनी और छतों पर उगाने लगे हैं। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इस पौधे को ज्यादा देखभाल की दरकार नहीं होती और सीमित जगह में भी यह बखूबी पनप जाता है।

मोरिंगा की पत्तियां, फूल और फलियां पोषक तत्वों से भरपूर मानी जाती हैं, यही वजह है कि इसे अक्सर “सुपरफूड” और “चमत्कारी पौधा” कहकर पुकारा जाता है। अगर आपके पास बड़ा बगीचा नहीं है तो भी निराश होने की जरूरत नहीं। एक छोटी बालकनी, कुछ घंटों की धूप और सही देखभाल से आप घर पर ही आसानी से यह पौधा तैयार कर सकते हैं।

कई शहरी परिवार अब अपनी किचन गार्डनिंग में मोरिंगा को जगह दे रहे हैं, ताकि उन्हें ताजी और रसायन-मुक्त पत्तियां मिलती रहें। यह पौधा सेहत के लिहाज से तो फायदेमंद है ही, साथ ही घर के आसपास हरियाली बढ़ाकर वातावरण को भी ताजगी देता है। आइए जानते हैं कि बालकनी में मोरिंगा उगाने का सही तरीका क्या है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

सबसे पहला कदम है सही गमले का चुनाव

मोरिंगा की जड़ें तेजी से फैलती हैं, इसलिए इसके लिए गहरा और मजबूत गमला चुनना बेहद अहम है। विशेषज्ञ 18 से 24 इंच गहरे कंटेनर का सुझाव देते हैं। पर्याप्त गहराई मिलने पर जड़ें स्वस्थ रहती हैं और पौधा मजबूती के साथ बढ़ता है।

बालकनी में जगह कम होने पर भी लंबवत यानी ऊपर की ओर बढ़ने वाला यह पौधा आसानी से समा जाता है। एक मजबूत गमला तेज हवा या बारिश के दौरान भी पौधे को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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