स्पेस स्टेशन पर मंडराया खतरा: रूसी वैज्ञानिक ने दरार सुधारने को उठाई आरी, सकते में आया NASA विश्व 2 घंटे पहले 2
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के ज्वेज्दा मॉड्यूल में हवा का रिसाव अचानक दोगुना होने और रूसी अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा दरार ठीक करने के लिए आरी इस्तेमाल करने की योजना के बाद आपातकालीन स्थिति बन गई, जिसके चलते नासा ने पांच यात्रियों को क्रू ड्रैगन में स्टैंडबाय पर भेज दिया।

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर उस समय हड़कंप मच गया जब हवा के रिसाव की रफ्तार अचानक दोगुनी हो गई और जीरो ग्रैविटी में मौजूद वैज्ञानिकों के सामने अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया। अंतरिक्ष की गहराइयों में घोषित इस आपात स्थिति ने नासा (NASA) के कमांड सेंटर में बैठे अधिकारियों को बेचैन कर दिया। हालात तब और गंभीर हो गए जब रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने ज्वेज्दा मॉड्यूल की दरार ठीक करने के लिए सीधे आरी उठा ली, जिससे अमेरिकी एजेंसी की चिंता और बढ़ गई।

स्टेशन के इतिहास में पहली बार अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी को आशंका हुई कि रूसी वैज्ञानिकों का यह तरीका पूरे स्टेशन को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके तुरंत बाद ह्यूस्टन से ‘सेफ-हेवन’ का आदेश दिया गया और पांच अंतरिक्ष यात्री सुरक्षा के लिए स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन यान के अंदर चले गए। करीब दो घंटे तक रूस और अमेरिका के बीच चली इस तनावपूर्ण स्थिति ने अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में बड़ा नाटकीय मोड़ ला दिया।

कब और कैसे लागू हुई सेफ-हेवन प्रक्रिया

ईस्टर्न टाइम के अनुसार सुबह 9:04 बजे नासा ने क्रू-12 मिशन के चार सदस्यों और एक अन्य अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री को एहतियात के तौर पर स्टेशन से डॉक किए गए स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन यान के अंदर चले जाने का सख्त निर्देश दिया। अंतरिक्ष स्टेशन के 27 साल के इतिहास में यह बेहद दुर्लभ और तनावपूर्ण क्षण था, जब किसी संभावित खतरे की वजह से मिशन कंट्रोल को सुरक्षित ठिकाने की प्रक्रिया लागू करनी पड़ी। लगभग दो घंटे तक यह संकट बना रहा, जिसके बाद नासा और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉस्मॉस के बीच आपातकालीन चर्चा के बाद इस हाई-अलर्ट को वापस लिया गया।

अंतरिक्ष में कैसे खड़ा हुआ यह संकट?

यह पूरा विवाद आईएसएस के सबसे अहम हिस्सों में से एक ज्वेज्दा सर्विस मॉड्यूल में आई दरार और उससे हो रहे रिसाव के कारण शुरू हुआ। नासा के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस मॉड्यूल से होने वाला एयर लीक अचानक प्रतिदिन एक पाउंड से बढ़कर दो पाउंड हो गया। रिसाव की दर दोगुनी होने से ह्यूस्टन स्थित नासा का मिशन कंट्रोल सतर्क हो गया।

संकट तब और गहरा गया जब रूसी अंतरिक्ष यात्रियों (कूद-स्वेरचकोव और मिकायेव) ने दरार तक पहुंचने के लिए आरी का इस्तेमाल करने की योजना बनाई। नासा ने इस जोखिम भरे तरीके का कड़ा विरोध किया, क्योंकि स्टेशन के भीतर किसी आरी या कटर का उपयोग पूरे ढांचे को खतरे में डाल सकता था। इसी मतभेद के बाद नासा ने अपने यात्रियों को क्रू ड्रैगन में चले जाने का आदेश दे दिया। स्थिति तब संभली जब रॉसकॉस्मॉस ने आरी से मरम्मत करने का अपना फैसला फिलहाल रोक दिया, जिसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को वापस आईएसएस में लौटने की अनुमति दी गई।

आपातकालीन स्थिति की 5 मुख्य बातें

  • दो रिसावों की पहचान: रॉसकॉस्मॉस के अनुसार ज्वेज्दा मॉड्यूल में दो अलग-अलग एयर लीक की पहचान हुई थी, जिनमें से एक को तुरंत सील कर दिया गया, जबकि दूसरे पर काम जारी है।
  • सुरक्षित ठिकाने की प्रक्रिया: नासा ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्रू-12 के दो अमेरिकी, एक फ्रांसीसी और एक रूसी अंतरिक्ष यात्री सहित कुल पांच वैज्ञानिकों को क्रू ड्रैगन यान के भीतर स्टैंडबाय पर रखा।
  • कोई तात्कालिक खतरा नहीं: रॉसकॉस्मॉस और नासा दोनों ने स्पष्ट किया कि मरम्मत कार्य रुकने के बाद फिलहाल न तो स्टेशन के सिस्टम को और न ही क्रू मेंबर्स की जान को कोई सीधा खतरा है।
  • संयुक्त रणनीति पर काम: नासा की प्रवक्ता स्टीवंस ने कहा कि एजेंसी अब इस रिसाव को ठीक करने के लिए रॉसकॉस्मॉस के साथ मिलकर सुरक्षित तकनीकी दृष्टिकोण पर काम करने की उम्मीद कर रही है।
  • 27 साल का बेदाग रिकॉर्ड: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के पिछले 27 वर्षों के इतिहास में कई बार आपातकालीन ड्रिल हुई हैं, लेकिन आज तक किसी क्रू को खतरे के कारण आईएसएस बीच में नहीं छोड़ना पड़ा है।

सवाल-जवाब

आईएसएस पर अचानक यह आपातकालीन स्थिति क्यों पैदा हुई?

यह स्थिति आईएसएस के रूसी ज्वेज्दा मॉड्यूल में एयर लीक की दर अचानक एक पाउंड से बढ़कर दो पाउंड प्रतिदिन होने और रूसी अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा आरी से मरम्मत करने की जिद के कारण बनी।

क्या अंतरिक्ष यात्रियों को सचमुच पृथ्वी पर लौटना था?

नहीं, उन्हें केवल एहतियात के तौर पर क्रू ड्रैगन यान के अंदर स्टैंडबाय पर रखा गया था, ताकि स्थिति बिगड़ने पर वे तुरंत सुरक्षित बाहर निकल सकें।

नासा ने रूसी तरीके का विरोध क्यों किया?

रूसी वैज्ञानिक दरार तक पहुंचने के लिए आरी का इस्तेमाल करने जा रहे थे। नासा का मानना था कि अंतरिक्ष की संवेदनशील परिस्थितियों में धातु काटने वाली चीजों के उपयोग से स्टेशन के मुख्य ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंच सकता था।

फिलहाल आईएसएस पर कितने अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं?

वर्तमान में आईएसएस पर कुल सात अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं, जिनमें नासा के जेसिका मीर, जैक हैथवे, क्रिस्टोफर विलियम्स, यूरोपीय स्पेस एजेंसी की सोफी एडेनॉट और रूस के एंड्री फेद्याएव, सर्गेई कूद-स्वेरचकोव तथा सर्गेई मिकायेव शामिल हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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