तेज प्रताप यादव का सम्राट चौधरी पर हमला, बोले- माता हमारे लिए सम्मान का विषय बिहार 14 घंटे पहले 2
जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को संयमित भाषा बरतने की नसीहत दी और कहा कि किसी पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।

पटना: जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करने से पहले उसकी उम्र और सामाजिक मर्यादा को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा कि राज्य के नेताओं को, खासकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर आसीन लोगों को हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी पर भी टिप्पणी करते समय उस व्यक्ति की उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का खयाल रखना जरूरी है।

उन्होंने आगे लिखा कि उनकी माता उनके लिए सम्मान का विषय हैं, इसलिए किसी भी तरह की निजी टिप्पणी को उचित नहीं ठहराया जा सकता। तेज प्रताप ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक रहना चाहिए। उनके मुताबिक मर्यादित भाषा और परस्पर सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है।

सम्राट चौधरी पर निशाने की वजह

दरअसल राबड़ी देवी के बंगले को लेकर चल रहे विवाद पर हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्रतिक्रिया सामने आई थी। इसमें उन्होंने लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कहा था कि बेटे को अलग घर चाहिए और माता को अलग घर चाहिए।

सम्राट चौधरी ने कहा था कि जिस दिन पार्टी और उनके नेता यह कह देंगे कि उनका काम यहीं समाप्त होता है, वे 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर वहां से चले जाएंगे।

मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया। आज जिस घर में मैं हूं ये मेरा 11वां घर है। इनमें से मैं सिर्फ 3 घरों में रहा, बाकी सभी में मैंने सिर्फ अपना कार्यालय चलाया। कुछ लोगों को मोह है कि बेटा को अलग घर चाहिए, माता को अलग घर चाहिए, पिताजी को अलग घर चाहिए और जनता को छोड़ दीजिए। हम जनता के काम के लिए आए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि जिस दिन पार्टी और उनके नेता कहेंगे कि उनका काम यहीं समाप्त होता है, उस दिन सम्राट चौधरी 24 घंटे में अपना झोला उठाकर अपने निजी घर चले जाएंगे। उन्होंने कहा था कि वे जनता की भलाई के लिए आए हैं, अपने कल्याण के लिए नहीं, इसलिए लोगों को जनता के हित की चिंता करनी चाहिए क्योंकि यह लोकतंत्र है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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