धर्म
एक घंटा पहले
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विचारों
भक्ति और तकनीक का संगम
मेवाड़ के विख्यात कृष्णधाम श्री सांवलियाजी में जन्माष्टमी का त्योहार अत्यधिक श्रद्धा और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव को भव्य बनाने के लिए मंदिर परिसर में व्यापक तैयारियां की गई थीं। सुबह मंगला आरती के दर्शन के साथ ही भक्तों का मंदिर पहुंचने का जो क्रम शुरू हुआ, वह देर रात तक अनवरत चलता रहा।
ड्रोन शो बना मुख्य आकर्षण
इस वर्ष के जन्मोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन था। रात के करीब 8 बजे जब 1000 से अधिक ड्रोन ने एक साथ उड़ान भरी, तो आसमान में भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न मनमोहक आकृतियां उभर आईं। इन ड्रोन्स के माध्यम से राधा-कृष्ण की प्रेममयी छवि से लेकर बाल गोपाल की माखन चोरी तक के प्रसंगों को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध रह गए।
भव्य आयोजन और महाआरती
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक धार्मिक झांकियों से सजाया गया था। पूरे परिसर को मनमोहक लाइटिंग और प्रोजेक्शन मैपिंग से जगमग किया गया। मध्यरात्रि में जैसे ही भगवान का जन्म हुआ, पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा और इसके बाद विशेष महाआरती का आयोजन किया गया। उत्सव के दौरान हुई भव्य आतिशबाजी ने इस अवसर की छटा को और भी बढ़ा दिया।
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