शेयर बाजार में हाहाकार: आईटी शेयरों की भारी बिकवाली से सेंसेक्स 900 अंक टूटा बाज़ार एक घंटा पहले 1
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में आई तेज सुस्ती ने निवेशकों को निराश किया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।

बाजार में बड़ी गिरावट का माहौल

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी भारी रहा। आईटी सेक्टर की कंपनियों में हुई जोरदार बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 893 अंक फिसलकर 76,200.68 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 278.80 अंक टूटकर 23,824.10 पर सिमट गया। निफ्टी-50 के अधिकांश शेयर बिकवाली की चपेट में रहे, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया।

आईटी सेक्टर बना गिरावट का मुख्य कारण

बाजार में इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह आईटी कंपनियों का खराब प्रदर्शन रहा। वैश्विक स्तर पर तकनीक क्षेत्र को लेकर बनी चिंताओं और विदेशी निवेशकों द्वारा की गई बिकवाली का असर शेयरों पर दिखा। प्रमुख शेयरों में गिरावट का हाल इस प्रकार है:

  • इंफोसिस करीब 3.4 फीसदी गिरा।
  • टीसीएस में 3.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
  • विप्रो 3.1 फीसदी टूट गया।
  • एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में भी भारी बिकवाली देखी गई।

अन्य सेक्टरों का हाल

गिरावट केवल आईटी तक सीमित नहीं रही। मेटल और बैंकिंग सेक्टर में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया, जिसमें जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील और हिंडाल्को जैसे शेयरों में कमजोरी देखी गई। बैंकिंग क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों ने भी बाजार को नीचे धकेला।

दिग्गज शेयरों पर दबाव

बाजार के बड़े शेयरों में शुमार अडानी एंटरप्राइजेज 3 फीसदी से अधिक टूटा, जबकि अडानी पोर्ट्स में भी 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर भी करीब 1.5 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, फार्मा सेक्टर में कुछ राहत रही, जहाँ सिप्ला, डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज और सन फार्मा ने मामूली मजबूती दिखाई। बाजार का डर बताने वाला इंडिया VIX भी 8 फीसदी बढ़कर 13.94 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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