सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत: 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती भारत एक दिन पहले 4
लगातार 20 दिनों के उपवास के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। अस्पताल के अनुसार डिहाइड्रेशन के कारण वे काफी कमजोर हो गए हैं, हालांकि उनकी स्थिति अभी स्थिर है।

सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक का उपचार

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 20 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद शनिवार को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि वांगचुक को तुरंत चिकित्सीय देखभाल की जरूरत थी। लंबे समय तक अन्न-जल का त्याग करने और शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के कारण उनकी शारीरिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है। डॉक्टरों की टीम ने स्पष्ट किया है कि भले ही अभी उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है, लेकिन उनके शरीर के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों को सामान्य करने के लिए उन्हें निरंतर निगरानी और उपचार की आवश्यकता है।

अस्पताल में भर्ती करने के पीछे का घटनाक्रम

सोनम वांगचुक के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में विशेष रूप से 2 डॉक्टर और 2 पैरामेडिक्स स्टाफ की एक टीम तैनात की गई है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, आज सुबह राम मनोहर लोहिया अस्पताल के विशेषज्ञों की एक टीम जंतर मंतर पर पहुँची थी। उन्होंने वांगचुक का स्वास्थ्य परीक्षण किया और पाया कि उनकी स्थिति चिंताजनक है। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी। शुरुआत में सोनम वांगचुक ने चिकित्सा सहायता लेने से इनकार कर दिया था। लेकिन, उनकी गिरती सेहत और डॉक्टरों की स्पष्ट चेतावनी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से उन्हें जंतर मंतर से सफदरजंग अस्पताल पहुँचाया।

पत्नी गीतांजलि का आग्रह और स्वास्थ्य की स्थिति

अस्पताल में दाखिल होने के बाद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा किया है। उन्होंने पुष्टि की कि वे खुद इस समय सफदरजंग अस्पताल में मौजूद हैं। गीतांजलि ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि उनके परिवार या पिछले 20 दिनों से वांगचुक की सेहत की देखरेख कर रहे डॉक्टरों की सहमति के बिना, उन्हें न तो कोई दवा दी जाए और न ही किसी प्रकार का तरल पदार्थ या नस के जरिए कोई उपचार किया जाए। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, सोनम वांगचुक अभी पूरी तरह से होश में हैं। उनके सभी वाइटल पैरामीटर्स अभी सामान्य हैं और उन्हें इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और बयान

वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर जमे प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने X के माध्यम से इस घटना पर आधिकारिक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों और चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस का रास्ता रोकने की कोशिश की थी, जिससे वहां थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना, लेकिन पुलिस ने संयम बनाए रखा और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया।

किस मांग को लेकर धरने पर थे वांगचुक?

सोनम वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे थे। यह पूरा घटनाक्रम 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च से मात्र दो दिन पहले सामने आया है। इस मार्च के माध्यम से वांगचुक अपने समर्थकों के साथ संसद तक पैदल मार्च करने की योजना बना रहे थे।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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